MP-राजस्थान में प्री मानसून बारिश, दिल्ली वालों को और सताएगी गर्मी, जानें UP-बिहार का हाल

Global Bharat 11 Jun 2024 2 Mins 160 Views
MP-राजस्थान में प्री मानसून बारिश, दिल्ली वालों को और सताएगी गर्मी, जानें UP-बिहार का हाल

मध्य प्रदेश और राजस्थान में प्री मानसून की बारिश शुरू हो गई है. वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लोगों को अभी कुछ और दिन गर्मी झेलनी पड़ सकती है. मौसम विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के 27 और राजस्थान के 8 जिलों में बारिश का अलर्ट भी जारी कर दिया है. आईएमडी ने सोमवार को बताया था कि गुरजरात में अगले 48 घंटे में मानसून प्रवेश कर सकता है, जिसके फलस्वरूप 11 से 13 जून तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है. 

बता दें कि मुंबई में रविवार को ही मानसून ने प्रवेश कर लिया था और जोरदार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली थी. वहीं दूसरी तरफ पूर्वी भारत भीषण गर्मी की चपेट में है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब सहित कई राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी पड़ रही है. वहीं बिहार में मंगलवार को हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. 

बता दें कि राज्य में गर्मी की लंबी छुट्टी के बाद 10 जून को स्कूल खुले थे, लेकिन पहले ही दिन कई जगह छात्र और शिक्षक बेहोश हो गए थे. जिसके बाद बिहार के स्कूलों को 15 जून तक के लिए बंद कर दिया गया था. इससे पहले बिहार के कई जिलों में भयंकर हीटवेव देखने को मिला था. वहीं उत्तर प्रदेश में भी भयंकर लू चल रही है. यूपी के कई जिलों में अभी भी तापमान 45 डिग्री के आसपास है.

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आया नगर में 10 जून का तापमान 44.7 डिग्री, लोधी रोड में 43.8 डिग्री और पालम का तापमान 44.1 डिग्री तक चला गया है. बता दें कि भीषण गर्मी के चलते दिल्ली-एनसीआर के लोग अभी भी परेशान हो रहे हैं. मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि दिल्ली में अधिकतम तापमान 44 डिग्री तक जा सकता है. वहीं आगले 5 दिनों तक कोई राहत मिलती हुई नहीं दिख रही है.

आईएमडी ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के मैदानी इलाकों में भयंकर गर्मी देखने को मिल सकती है. जबकि इन राज्यो में मानसून के प्रवेश होने में अभी कुछ और समय लग सकता है.

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रचंड गर्मी अल नीनो का परिणाम है. प्राकृतिक रूप से होने वाली इस घटना से मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में सतह के पानी का अत्यधिक गर्म होना और वायुमंडल की निचली परत में ग्रीनहाउस गैसों की सांद्रता में तेज वृद्धि है. बता दें कि अल नीनो के प्रभाव से भारत में सूखे जैसी स्थिति बन जाती है. वर्षा पर आधारित कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है.