लालू ने कर दी राहुल गांधी वाली गलती? मोदी ने खुद बताया मां के निधन पर क्यों नहीं बनवाया बाल-दाढ़ी?

Global Bharat 04 Mar 2024 3 Mins
लालू ने कर दी राहुल गांधी वाली गलती? मोदी ने खुद बताया मां के निधन पर क्यों नहीं बनवाया बाल-दाढ़ी?

राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने जिस हिंदू वोट बैंक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र के हिंदुत्व पर सवाल उठाए थे, अब वही हिंदू वोटर्स उन्हें ट्रोल कर रहे हैं, कोई कह रहा है इस उम्र में लालू यादव को ऐसा नहीं बोलना चाहिए था, तो कोई कह रहा है कि लालू जैसे नेता के मुंह से ऐसी बातें शोभा नहीं देती। लेकिन इन सबके बीच पीएम मोदी ने लालू यादव के उस बयान का जवाब दे दिया है कि मां के निधन पर उन्होंने बाल क्यों नहीं बनवाया, ये बात मोदी के कई बड़े समर्थक भी जानते हैं कि कई मंदिरों के पुननिर्माण का काम करवाने वाले, राम मंदिर उद्गटान में यजमान बनने वाले और हिंदुओं की जागृति के लिए काम करने वाले मोदी ने बाल-दाढ़ी क्यों नहीं बनवाई थी, पर वो जवाब सुनाएं, उससे पहले ये तस्वीरें देखिए, जो बताती हैं कि लालू ने राहुल गांधी वाली गलती दोहरा दी है।

यह तस्वीर अमित शाह के ट्विटर अकाउंट के बायो की है, जिसमें वो लिखते हैं मैं हूं मोदी का परिवार, कुछ ऐसा ही नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी लिखा है, हर बीजेपी नेता ने अपने नाम के बगल में ब्रैकेट बनाकर मोदी का परिवार लिख लिया है, जो बताता है कि बीजेपी का हर नेता मोदी का परिवार है, लेकिन मोदी सिर्फ यही नहीं कहते वो इससे एक कदम आगे बढ़कर कहते हैं कि पूरा देश ही मेरा परिवार है, जिसका कोई नहीं है, उसका मोदी है, 140 करोड़ हिंदुस्तानी मेरा परिवार है, पूरा भारत मेरा परिवार है, एक प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से भी ये बात सार्थक लगती है कि प्रधानमंत्री के लिए पूरा देश ही एक परिवार है, पर इसके आगे मोदी जो कहते हैं, वो और गहरी बात है। 

मोदी कहते हैं जब मैंने घऱ त्यागा था, तभी मैंने ये संकल्प लिया था कि देश के लिए जीऊंगा, यानि मोदी ने एक संन्यासी की तरह जीवन जीने का फैसला लिया, ऐसा दावा किया जाता है कि उन्होंने सालों तक पहाड़ों में रहकर तपस्या भी की, जिसका परिणाम ये हुआ है कि आज भी कई लोग ये कहते हैं कि मोदी के अंदर कोई ऐसी दैवीय शक्ति है, जो विरोधियों को भी उनकी ओर आकर्षित करती है, बड़े से बड़े मसले को वो मिनटों में ऐसे निपटा देते हैं, जैसे भगवान का उन्हें आशीर्वाद प्राप्त हो और देश के लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए ही आए हों, पर विरोधियों को ये बात रास नहीं आती। इसीलिए लालू यादव जैसे लोग ये कहते हैं कि मां के निधन पर जिसने बाल-दाढ़ी नहीं बनवाया वो हिंदू नहीं हो सकता, तो क्या हर संन्यासी हिंदू नहीं है, क्या हर वो व्यक्ति हिंदू नहीं है, जिसके यहां के रीति-रिवाज बाल-दाढ़ी बनवाने के नहीं हैं, क्या लालू यादव ने हिंदुस्तान के संन्यासियों का जीवन या देश के अलग-अलग हिस्से में चलने वाले रीति-रिवाजों पर जानकारी नहीं जुटाई है, या फिर वो पूरा ज्ञान होने के बावजूद राजनीति के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे पहले लालू यादव ने मां दुर्गा और लॉकेट का नाम लेकर हिंदू वोटबैंक साधने की कोशिश की थी, और तब उन्हें फायदा भी मिला था, पर इस बार उनका ये दांव उल्टा पड़ने वाला है, क्योंकि जो गलती राहुल गांधी ने मोदी को चौकीदार चोर है बोलकर की थी,, वही लालू ने दोहरा दी है। तब बीजेपी के बड़े-बड़े नेताओं ने अपने ट्विटर पर मैं भी चौकीदार लिखा था, जिसका तगड़ा प्रभाव पड़ा और राहुल को नुकसान उठाना पड़ा, अब एक बार फिर सोशल मीडिया से माहौल बदलने वाला है। 

हालांकि लालू यादव के लिए ये पहली बार नहीं है जब उन्होंने किसी हिंदूवादी छवि वाले नेता पर इस तरह की बात कही है, इससे पहले राम मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर चलने वाले लालू यादव ने तो आडवाणी को गिरफ्तार करवा दिया था, जिसके बाद कई लोग कहने लगे थे कि लालू यादव ये कैसे हिंदू हैं, जो प्रभु राम के विरोधी बन रहे हैं, क्या राजनीति के चक्कर में ये अपने ही धर्म को भूल गए हैं और तुष्टिकरण के चक्कर में प्रभु श्रीराम का नाम लेने वालों का गिरफ्तार करवा रहे हैं, ये सवाल लालू यादव को अपनी अंतरात्मा से पूछनी चाहिए।  

About Author

Global Bharat

Global's commitment to journalistic integrity, thorough research, and clear communication make him a valuable contributor to the field of environmental journalism. Through his work, he strives to educate and inspire readers to take action and work towards a sustainable future.

Recent News