Lok Sabha Elections 2024 में चुनावी मैदान में उतरे नेतापुत्र-पुत्रियों का हाल...

Global Bharat 04 Jun 2024 2 Mins 433 Views
Lok Sabha Elections 2024 में चुनावी मैदान में उतरे नेतापुत्र-पुत्रियों का हाल...

लोकसभा हो या विधानसभा हर चुनाव में कुछ ऐसी सीट्स होती हैं, जिसपर सभी की नज़र होती है. कुछ प्रमुख चेहरों की साख दांव पर लगी होती है तो कहीं राजनेताओं के बच्चों के सियासी करियर का फैसला होना होता है. 2024 में दिग्गज नेताओं की बेटे-बेटियों ने भी चुनावी रण में कदम रखा था. इनके नतीजे भी सामने आ चुके हैं. इनमें रोहिणी आचार्य, शांभवी चौधरी, करण भूषण, बांसुरी स्वराज के नाम शामिल हैं.

पाटलिपुत्र सीट से मीसा भारती तीसरी बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की उम्मीदवार थीं और उनका मुकाबला बीजेपी के रामकृपाल यादव से था. यहां से मीसा ने जीत हासिल कर ली है. वहीं दूसरी तरफ सारण से राजद ने रोहिणी आचार्य को मैदान में उतारा था ये उनका पहला चुनाव था, जो बीजेपी के राजीव प्रताप रूडी से हार गईं.

इसी तरह समस्तीपुर में लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने यहां से JDU नेता अशोक चौधरी की बेटी शांभवी चौधरी को उम्मीदवार बनाया था. शांभवी चौधरी का भी ये पहला चुनाव था. उन्होंने पहले ही चुनाव में कांग्रेस के SUNNY HAZARI को शिकस्त दे दी. 

कैसरगंज ये सीट बीजेपी सांसद बृजभूषण सिंह का गढ़ मानी जाती है. महिला पहलवानों से विवाद चलते बीजेपी ने बृजभूषण की जगह इसबार उनके बड़े बेटे करण भूषण को कैसरगंज से उम्मीदवार बनाया. करण बीजेपी के भरोसे पर खरे उतरे और जीत का परचम लहराया.

आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ की, जिन्हें कांग्रेस ने पार्टी का गढ़ माने जाने वाले छिंदवाड़ा से मैदान में उतारा था. लेकिन पार्टी को यहां करारा झटका लगा और अपने ही गढ़ में बीजेपी हार गई. बीजेपी के बंटी विवेक साहू ने नकुलनाथ को हरा दिया. 

कांग्रेस के दिग्गज नेता और रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी के बेटे अनिल एंटनी ने लोकसभा चुनाव 2024 से पहले बीजेपी का दामन थाम लिया था. फिर बीजेपी ने उनको पथानामथिट्टा से उम्मीदवार बनाया. लेकिन बीजेपी को कोई फायदा नहीं हुआ और वो जीत का ताज़ अपने सिर नहीं सजा पाए. 

मिनाक्षी लेखी का टिकट काटकर बीजेपी ने बांसुरी स्वराज को नई दिल्ली से उम्मीदवार बनाया था. वह विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी हैं. उन्होंने AAP उम्मीदवार सोमनाथ भारती को हरा दिया और पहले ही चुनाव में जीत हासिल कर ली. पटना साहिब सीट की बात करें तो पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम के नाती अंशुल अविजित को कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार बनाया था.लेकिन वो ये सीट नहीं जीत पाए.

इस लिस्ट में आखिरी नाम है राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत का, जिन्हें कांग्रेस ने राजस्थान की जालौर सीट से मैदान में उतारा था.  इस सीट से भाजपा के लुंबाराम ने जीत दर्ज की है. ये हार वैभव गहलोत के साथ-साथ अशोक गहलोत की हार है.

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