नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच लाल सागर में नया खतरा पैदा हो गया है. यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब के खिलाफ ‘आंख के बदले आंख’ वाली धमकी के बाद भारत और चीन जा रहे दो बड़े क्रूड ऑयल टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया. रॉयटर्स के शिपिंग डेटा के मुताबिक,
Rodos (7 लाख बैरल सऊदी क्रूड लेकर भारत आ रहा था) ने लाल सागर में यू-टर्न लेकर स्वेज नहर की ओर मुड़ गया.
Amazon (भारत आ रहा स्वेजमैक्स टैंकर) भी वापस स्वेज की ओर लौट गया. हूतियों ने सऊदी अरब के बंदरगाहों से सामान लोड/अनलोड करने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों को ईमेल भेजकर चेतावनी जारी की. इसके बाद कई टैंकरों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए ट्रांसपोंडर बंद कर दिए. भारत अपनी 85% तेल जरूरत आयात करता है, जिसमें सऊदी अरब महत्वपूर्ण हिस्सा है.
लाल सागर में तनाव बढ़ने से जहाजों का बीमा और माल भाड़ा बढ़ सकता है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें महंगी हो सकती हैं और आखिरकार पेट्रोल-डीजल के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं. पहले से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान-अमेरिका तनाव के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित है. अब लाल सागर में नया संकट गहराने से वैश्विक स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतों में और उछाल आने की आशंका है.