जब जम्मू-कश्मीर में सेना के जवान देश के दुश्मनों से लोहा ले रहे थे, राजस्थान पुलिस सेना के एक जवान को थर्ड डिग्री टॉर्चर दे रही थी. ये ठीक वैसा ही था, जैसा बागी 2 फिल्म में आपने टाइगर श्रॉफ के साथ देखा था, जैसे वो एक शिकायत लेकर थाने पहुंचे थे और पुलिसवालों से उलझे तो लॉकअप में डालकर पुलिस ने लाठियां तोड़ दी थी. ठीक वैसे ही राजस्थान के जयपुर में 4 पुलिसवालों ने सेना के एक जवान के साथ किया. जिसकी पूरी पीड़ा जवान ने एक वीडियो जारी कर बयां किया है. वो वीडियो में वह कहता है...मेरा दोस्त राजवीर शेखावत 11 अगस्त को रात में अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने गया था.
वाइन क्लब में पुलिस की छापेमारी के बाद उसे शिप्रापथ थाने लाया गया. मुझे जानकारी मिली तो मैं थाने गया. गिरफ्तारी का कारण पूछने पर मेरे साथ अभ्रद्रता की गई. मुझे निर्वस्त्र करके रिमांड रूम में ले जाकर पिटाई की गई. उसके बाद जब उसे लॉकअप से बाहर निकालते हैं, एक कुर्सी पर बिठाकर कहते हैं पुलिस आर्मी की बाप है, वो सीधा इंडियन आर्मी को चैलेंज करते हैं. ये बात खुद मोदी सरकार में पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ कहते हैं और पुलिसकर्मियों की इस हरकत के लिए एसीपी को फटकार भी लगाते हैं. वीडियो में आप साफ सुन सकते हैं, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ कहते हैं पेशेंस या धैर्य नाम की कोई चीज है या सिर्फ दादागिरी सीखे हो.
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ इतने गुस्से में थे कि एसीपी ने जैसे ही कहा कमांडो ने पुलिसकर्मियों को अपशब्द कहा था. राठौड़ भड़क उठे और कहा सावधान खड़ा नहीं रह सकते, सुन नहीं सकते तो बाहर चले जाइए. ये बात गुस्से की है भी, आखिर एक सेना का जवान जो सबकुछ छोड़कर, अपना घर-परिवार सबकुछ त्याग कर हमारी और आपकी सुरक्षा के लिए सीमा पर मुस्तैद रहता है, वो अगर थाने में कभी शिकायत लेकर पहुंचता है तो उसके साथ ऐसी हरकत क्यों, क्या राजस्थान पुलिस के कुछ जवानों का दिमाग इतना गर्म हो चुका है कि वो इंडियन आर्मी को सीधा चैलेंज कर रहे हैं.
खुलेआम कह रहे हैं कि हम आर्मी के भी बाप हैं. अगर ऐसा है तो फिर ऐसे पुलिसकर्मियों की वर्दी और कुर्सी दोनों पर परमानेंट बुलडोजर चलना चाहिए, ताकि कोई और ऐसी हिमाकत कभी और न कर पाए. ये सुनने में कितना शर्मनाक लगता है कि एक तरफ भूखे-प्यासे हमारे सेना के जवान जम्मू-कश्मीर में देश के दुश्मनों को ढूंढने में लगे हैं, उन्हें सही जगह पहुंचाने में लगे हैं, देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में लगे हैं और दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर के बारामूला में तैनात एक जवान जो छुट्टियों पर घर आता है, वो अपने दोस्त को छुड़ाने के लिए थाने जाता है तो उसके साथ ऐसी हरकत की जाती है.