70 हजार की सैलरी वाला ASI कैसे बना अरबपति, दिल्ली में बैठी इनकम टैक्स की टीम का भी चकराया माथा

Global Bharat 05 Apr 2023 3 Mins
70 हजार की सैलरी वाला ASI कैसे बना अरबपति, दिल्ली में बैठी इनकम टैक्स की टीम का भी चकराया माथा

पंजाब का ASI जरनैल सिंह रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार चौकी में बैठ माफियों के सथा करता था डील

70 हजार रुपये की नौकरी करने वाला, 10 मिनट में 10 लाख रुपये कैसे कमा लेता था, किसी को पता भी नहीं चलता था… न वो शेयर मार्केट में पैसे लगाता और ना ही किसी गेम का लती था. पंजाब पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारी उसके घर लगे फॉर्च्यूनर, करोड़ों की कीमत की जमीन और लग्जरी गाड़ियों का शौक देख हैरान थे. यहां तक कि जिस लुधियाना के जिस थाने में उसकी पोस्टिंग थी, वहां के दारोगा भी नहीं समझ पा रहे थे कि उनके थाने में कितना बड़ा खेल चल रहा है. पंजाब पुलिस के कुछ अधिकारियों को ऐसी ख़बर मिली कि चौकी में एक बहुत बड़ी डील होने वाली है. कुछ लोग 70 हजार रुपये लेकर ASI जरनैल सिंह के पास पहुंचने वाले हैं, पुलिस को लगा मामला रिश्वत का है, इसलिए हल्के में लिया, फिर भी जांच के लिए पहुंच गई, रंगे हाथों जरनैल सिंह को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन असल कहानी अभी खुली नहीं थी. जब पुलिस ने बसंत पार्क चौकी में छापा मारा तो वहां से लाखों में बिकने वाला चिट्टा और इलेक्ट्रॉनिक तराजू मिला. जांच आगे बढ़ी तो पता चला थाने में ही बैठकर पूरी डील होती थी. जिन लोगों को दूसरे जिलों की पुलिस ढूंढ रही होती थी, उनके साथ वर्दी में बैठा ये पुलिसवाला हाथ मिलाता था, उन्हें चाय ऑफर करता था, यहां ये समझना जरूरी है कि क्या पुलिस के ही कुछ जवान बच्चों तक इसकी खेप पहुंचा रहे हैं, ये सब जानते हैं कि पंजाब के स्कूल-कॉलेजों के बाहर कैसे इस तरह का गिरोह लंबे समय से सक्रिय है, जिसे रोकने की जिम्मेदारी पुलिस की है. पर कभी ऐसा नहीं हुआ कि गिरोह का कोई बड़ा आरोपी पकड़ा गया हो, ऐसे में सवाल ये भी उठता है कि

  • क्या वो थाने में बैठकर नशे का कारोबार करता था, इलेक्ट्रॉनिक तराजू पर वो 10 ग्राम पुड़िया बेच लाखों कमाता था?
  • अगर चौकी में इतना बड़ा खेल चल रहा था तो किसी ने पुलिस को ख़बर क्यों नहीं की, एसपी अनजान कैसे बने रहे
  • चौकी को अपना अड्डा समझने वाले असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर को सिर्फ सस्पेंड करने से क्या ये कारोबार खत्म होगा?

पंजाब पहले से ही उड़ता पंजाब बनता जा रहा है, उस पर लगाम के लिए बड़े-बड़े अधिकारी कोशिश कर रहे हैं, कहा जाता है कि कई रसूखदार लोग इस गिरोह में शामिल हैं, इसलिए जड़ से ये कभी खत्म नहीं हो पाएगा, पर कहते हैं हर प्रदेश के लिए एक न एक दिन सुनहरा वक्त जरूर आता है वो पंजाब के लिए कब आएगा ये कहना मुश्किल है, फिलहाल भगवंत मान को पूरे पुलिस फोर्स के साथ बागी 2 मूवी देखने की जरूरत है, जिसमें रणदीप हुड्डा का किरदार ये बताता है कि कैसे समाज के इन दुश्मनों को जेल के अंदर रखा जाए. इस कहानी को सुनने के बाद हो सकता है आपको भी रणदीप हुड्डा की ही याद आई हो, जो कभी पुलिस की वर्दी नहीं पहनता, हमेशा नशे में रहता है, पर बड़े-बड़े आरोपियों को बड़े आराम से सलाखों के भीतर पहुंचा देता है, ये कहानी फिल्मी जरूर थी पर इसे धरातल पर भी उतारा जा सकता है. पंजाब में एक आईपीएस हुआ करते थे केपीएस गिल, जब-जब पंजाब में बवाल मचा, प्रदेश की जनता ने उन्हें खूब याद किया, सोशल मीडिया पऱ उनकी फोटो खूब वायरल हुई.

केपीएस गिल को क्यों कहा जाने लगा सुपरकॉप, यहां से जान लें वजह

केपीएस गिल का ऑपरेशन ब्लैक थंडर, एक ऐसा घातक ऑपरेशन था, जिसने आतंकियों की कमर तोड़कर रख दी. उन्होंने ऐसा तगड़ा प्लान बनाया कि एनएसजी कमांडो से पंजाब पुलिस वालों को ट्रेनिंग दिलवाई. हेलीकॉप्टर से कूदकर मकानों से कब्जा हटाने की प्रैक्टिस करवाई और उसके बाद जो हुआ वो पूरे पंजाब ने देखा. लेकिन जब एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर ऐसे कारनामे करते पकड़ा गया तो केपीएस गिल से लेकर बड़े-बड़े ईमानदार ऑफिसर की आंखें गुस्से से लाल हो गईं. हर ईमानदार पुलिसकर्मी यही चाह रहा होगा कि ऐसे लोगों को इतनी तगड़ी सजा दी जाए कि पंजाब का कोई पुलिसवाला कभी भी ऐसा करने की दोबारा हिम्मत न कर सके.आपके हिसाब से ऐसे लोगों को क्या सजा मिलनी चाहिए, जो समाज के लिए भी नजीर हो कमेंट में बता सकते हैं, क्योंकि सजा तो जज साहब कानून के हिसाब से देंगे, पर पब्लिक सेंटीमेंट भी बड़ी बात होती है.

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