UP में दो अधिकारियों के तबादले पर उठ रहे सवाल!

Global Bharat 17 Jul 2024 05:46: PM 2 Mins
UP में दो अधिकारियों के तबादले पर उठ रहे सवाल!

यूपी में दो अधिकारीयों पर से गाज गिरने से तमाम तरह के सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर अचानक से ये फैसला क्यों लिया गया? ये ही नहीं आरोप ये भी लग रहे हैं कि बीजेपी नेता के अस्पताल पर एक्शन लेने के लिए उन्हें सज़ा दी गई है. अब इन आरोपों में कितनी सच्चाई है ये बता पाना तो मुश्किल है फिलहाल ये जानते हैं कि मामला क्या है. हापुड़ में पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा को जिले से हटा कर मुख्यालय अटैच कर दिया. हालांकि उनके ट्रांसफर की चर्चा काफी समय से थी लेकिन इस घटना के बाद से अचानक ये एक्शन होने से चर्चा का बाज़ार गरमा गया है.

तबादले की रेल यहीं नहीं रुकी और कुछ घंटों बाद ही अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल को भी हटा दिया गया. उनको भी मुख्यालय अटैच किया गया है. राजकुमार अग्रवाल के तबादले की चर्चा इसलिए ज्यादा हो रही है क्योंकि उनको आए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ था.

अब दोनों अधिकारीयों के ट्रांसफर को लेकर जब चर्चाओं का बाज़ार गरमाया तो जानकारों का दावा है कि अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल को रामा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की शिकायत के बाद हटाया गया है. दरअसल 16 जुलाई को डायल-112 पर एक व्यक्ति का कॉल आया था. उसने रामा मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल पर आरोप लगाया था कि यहां उनका मरीज़ भर्ती है, जिसे अस्पताल वालों ने बंधक बना कर रखा हुआ है और उनको नहीं छोड़ा जा रहा है. वहीं शिकायत मिलने पर पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुंच गई.

टीम पहुंची तो रामा मेडिकल कॉलेज के पदाधिकारियों और डॉक्टरों ने एक दारोगा के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की की. इसकी सूचना मिलने के बाद एसपी अभिषेक वर्मा ने अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार अग्रवाल को वहां भेजा. उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को समझाया व पुलिसकर्मी को उनके साथ समझौता करा दिया. यहां तक कि डायल-112 पर कॉल करने वाले शख्स ने भी कोई शिकायत नहीं दी. कोई मामला भी दर्ज नहीं हुआ. यानी पुलिस अधिकारीयों ने बड़ी सूझ बूझ के साथ मामला सुलझा दिया. बावजूद इसके उनका तबादला हुआ तो सवाल उठने लगे.

दरअसल रामा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने भाजपा संगठन के गोरखपुर के एक उच्च पदस्थ पदाधिकारी से एएसपी की शिकायत की. उन्होंने आरोप लगाया कि बेवजह उनके मेडिकल कॉलेज को पुलिस छावनी बना दिया गया. जिससे उनकी प्रतिष्ठा को धक्का लगा है. इसके बाद अगले ही दिन यानी 17 जुलाई को राजकुमार अग्रवाल को हापुड़ से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया. ये ही नहीं पुलिस के एक उच्चाधिकारी ने भी उनको हटाए जाने के पीछे रामा मेडिकल कॉलेज के प्रबंधन का हाथ होने की पुष्टि की है. यानी जानकार दावा कर रहे हैं कि एसपी और एएसपी दोनों को ही रामा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की शिकायत पर हटाया गया है.

और अब सीओ और इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है. इससे पुलिस विभाग में हड़कंप मचा है. हालांकि इस खबर के बाद एएसपी राजकुमार अग्रवाल ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज निकाली जाए जिसमे देखा जाए कि पुलिस ने सभ्य व्यवहार का उल्लंघन नहीं किया है. अब मामले में सच्चाई क्या है क्यों अधिकारीयों का अचानक तबादला किया गया? इसकी असली वजह क्या है ये तो सामने नहीं आया है लेकिन इस एक्शन से बीजेपी सरकार भी घिर गई है. सरकार पर आरोप लग रहे हैं कि राज्य में जिनकी सत्ताधारी पार्टी वालों से पहचान है उनके इशारे पर काम हो जाते हैं.

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