Ayodhya Ram Mandir News : अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दानपात्रों से प्राप्त चढ़ावे की गणना के दौरान हुई कथित चोरी और गबन पर गठित उत्तर प्रदेश सरकार की तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंप दी है. आयुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने 23 जून को सौंपी रिपोर्ट में गणना कक्ष में व्यवस्थित तरीके से चोरी होने की पुष्टि की है.
रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून तक उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच में 70 बार चोरी की घटनाएं दर्ज हुईं. जांच में कुछ संविदा कर्मी नोटों की गड्डियां और नकदी को जेब, कपड़ों और जूतों में छिपाकर बाहर ले जाते दिखाई दिए. वित्तीय जांच में भी कई आरोपियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में आय से कहीं अधिक नकद जमा और एफडी मिलने का दावा किया गया है, इससे पहले ट्रस्ट स्तर पर भी लगभग 78.94 लाख रुपये की बरामदगी की जा चुकी थी.
एसआईटी ने अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय और रमाशंकर मिश्रा समेत छह संविदा कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की है. साथ ही गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका की भी जांच कर उनके खिलाफ साजिश और लापरवाही की धाराओं में कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.
रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियां भी उजागर हुई हैं. कर्मियों की तलाशी नहीं ली जा रही थी, जेब-रहित वर्दी का नियम लागू नहीं था, मोबाइल फोन अंदर ले जाने की अनुमति थी और केवल 45 दिन का सीसीटीवी बैकअप रखा गया था. रिपोर्ट सामने आने के बाद ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया, जिसे ट्रस्ट ने स्वीकार कर लिया.