जकार्ता/अमेरिका: भारतीय मूल के एक बिजनेसमैन गौरव श्रीवास्तव पर एक चौंकाने वाला फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. उस पर आरोप है कि उसने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का एजेंट बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और आला अधिकारियों का भरोसा जीता और अरबों डॉलर की डिफेंस डील हथियाने की कोशिश की.
क्या था पूरा खेल?
गौरव ने अपना कोडनेम ‘Mr G’ रखा. 2020 में वह वाशिंगटन और जकार्ता की हाई-लेवल मिलिट्री मीटिंग्स में राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ दिखाई दिया. उसने फाइटर जेट्स (F-15), ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट आदि की डील के लिए फर्जी कंपनियों के जरिए MoU (समझौता) साइन करवाए. प्रस्तावित डील की कुल कीमत करीब 13.9 अरब डॉलर थी.
भंडाफोड़ कैसे हुआ?
गौरव के पूर्व बिजनेस पार्टनर नील्स ट्रोस्ट ने कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क की अदालतों में उसके खिलाफ सिविल केस दायर किए. OCCRP (Organized Crime and Corruption Reporting Project) की रिपोर्ट में फोन रिकॉर्डिंग्स और दस्तावेजों के आधार पर पूरा मामला खुला. गौरव ने झूठी कहानियां भी गढ़ीं, जैसे 2002 के बाली बम धमाकों के मास्टरमाइंड को पकड़वाने और प्रबोवो के नाम को अमेरिकी ब्लैकलिस्ट से हटवाने में अपनी भूमिका बताई.