नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की जमानत सुनवाई के दौरान विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) को धमकी भरा संदेश मिलने का मामला अब और गंभीर हो गया है. दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ इस मामले में FIR दर्ज कर ली है. दोनों नेता जंतर मंतर पर प्रदर्शन के बाद 6 दिनों से हिरासत में हैं. SEM ने उन्हें 14 अक्टूबर को 5 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था.
पुलिस का कहना है कि निवारक रिपोर्ट, बार-बार कानून तोड़ने और जमानत पर रिहा होने के बाद फिर से उल्लंघन की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया. CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि सुनवाई में जानबूझकर देरी की गई. उन्होंने कहा कि सुनवाई दोपहर 12 बजे होनी थी, लेकिन SEM और सरकारी अभियोजक शाम साढ़े पांच बजे पहुंचे.
उनके अनुसार, जमानत पर चर्चा की बजाय पूरा फोकस कथित धमकी वाले संदेश पर डाल दिया गया. सिंह ने इसे “अवैध गिरफ्तारी” और “राज्य व दिल्ली पुलिस की साजिश” बताया, ताकि दोनों नेताओं को जेल में रखा जा सके. पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने भी आरोप लगाया कि प्रशासन अवैध हिरासत को लंबा खींचने के लिए अदालती प्रक्रिया में देरी कर रहा है. इससे पहले पुलिस ने NCR (गैर-संज्ञेय रिपोर्ट) दर्ज की थी.
अब FIR दर्ज होने के बाद जांच आगे बढ़ेगी. CJP नेताओं का दावा है कि 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद उन्हें पहले बॉन्ड पर रिहा किया गया था, लेकिन बाद में फिर हिरासत में ले लिया गया. मामला तूल पकड़ रहा है और दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. पुलिस जांच जारी है.