नई दिल्ली: बरेली जिले के आंवला क्षेत्र में स्थित अनिरुद्धपुर गौशाला में हाल ही में गंभीर लापरवाही के चलते कई गायों की दुखद मौत हो गई. यह गौशाला पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. पिछले सप्ताह यहां भूख, ठंड और उचित देखभाल के अभाव में गायें तड़पती रहीं, जिसके फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गए. जांच में सामने आया कि गौशाला के प्रबंधन में गंभीर चूक हुई थी. न चारा समय पर पहुंचा, न ही इलाज की कोई व्यवस्था थी.
जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मामले की गहराई से पड़ताल कराई. जांच टीम ने पाया कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को गौशाला की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्यों में पूरी तरह लापरवाही बरती.
इसके आधार पर ग्राम प्रधान के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है. साथ ही, ग्राम पंचायत सचिव शिप्रा सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया. इसके अलावा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनमोहन पांडेय का तबादला करने और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय वर्मा को निलंबित करने की सिफारिश शासन को भेजी गई है.
जांच में स्थानीय स्तर पर प्रबंधन की उदासीनता को मुख्य कारण बताया गया. घटना के बाद विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस ने कहा कि ऐसी मौतें सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारियों की गलती नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की नाकामी को दर्शाती हैं. यह मामला गौ-संरक्षण के नाम पर उठाए जा रहे दावों पर सवाल खड़े करता है, खासकर तब जब यह घटना मंत्री के खुद के क्षेत्र से जुड़ी हो. प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसी गौशालाओं की स्थिति सुधारने की जरूरत बनी हुई है.