Trump Jeffrey Epstein: अमेरिकी न्याय विभाग ने हाल ही में जेफरी एपस्टीन से जुड़े कुछ अतिरिक्त दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. इनमें एफबीआई द्वारा 2019 में दर्ज किए गए इंटरव्यू के सारांश शामिल हैं, जहां एक महिला ने गंभीर दावे किए हैं. महिला का कहना है कि 1980 के दशक में, जब उनकी उम्र लगभग 13 से 15 साल के बीच थी, तो एपस्टीन ने उन्हें न्यूयॉर्क या न्यू जर्सी ले जाकर डोनाल्ड ट्रंप से मिलवाया था.
उनके अनुसार, वहां ट्रंप ने जबरदस्ती मौखिक यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जिसके जवाब में उन्होंने काट लिया और फिर ट्रंप ने उन्हें मारा. यह आरोप एपस्टीन के साथ उनके कथित शोषण की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा बताए गए हैं, जो दक्षिण कैरोलिना में शुरू हुआ था. ये दस्तावेज मार्च 2026 में जारी किए गए, क्योंकि पहले इन्हें गलती से डुप्लिकेट मानकर रोका गया था. न्याय विभाग ने स्पष्ट किया कि ये पहले छूट गए थे और अब उपलब्ध करा दिए गए हैं.
ट्रंप की ओर से इन नए दस्तावेजों पर कोई तत्काल सार्वजनिक टिप्पणी नहीं आई है. ट्रंप ने पहले भी एपस्टीन से जुड़े सभी आरोपों को खारिज किया है और किसी भी गलत काम से इनकार किया है. व्हाइट हाउस की तरफ से भी इस मुद्दे पर कोई बयान सामने नहीं आया. महिला के इन दावों की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, और जांच एजेंसियों ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की.
ये आरोप पुराने हैं, लेकिन एपस्टीन फाइल्स में इनका जिक्र अब फिर चर्चा में लाया गया है. कई मीडिया रिपोर्ट्स में इन्हें अनसबस्टैंशिएटेड या अनकोरोबोरेटेड बताया गया है, यानी बिना ठोस सबूतों के. यह मामला राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है, जहां कुछ लोग इसे गंभीर मानते हैं, जबकि अन्य इसे पुरानी और असत्यापित कहानियों का दोहराव बताते हैं.
उधर ईरान से जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दफ्तर में ईसाई पद्धति से पूजा की और वीडियो रिकॉर्ड करवाकर सोशल मीडिया पर जारी किया, काफी तेजी से वायरल हो रहा है. यह पहली बार है, जब सार्वजनिक तौर पर ट्रंप को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पूजा करते हुए देखा गया है. वीडियो में कई पादरी नजर आ रहे हैं, जो ट्रंप के लिए दुआ कर रहे हैं.