लखनऊ: उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी को अब प्रयागराज की अदालत में सरकारी वकील की मदद मिलेगी. निजी वकील नहीं होने पर अरमान ने निशुल्क कानूनी सहायता की मांग की थी, जिसके बाद अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के जरिए चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को उसका अधिवक्ता नियुक्त कर दिया है.
अरमान 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज क्षेत्र में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में आरोपी है. पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में अरमान को बाइक पर हेलमेट पहने गोली चलाते हुए देखा गया था. उसके साथ गुड्डू मुस्लिम भी था. घटना के बाद वह फरार हो गया था और पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ₹5 लाख का इनाम घोषित कर रखा था.
तीन साल से ज्यादा समय तक तलाश के बाद पुलिस को पता चला कि अरमान बिहार की गया केंद्रीय जेल में बंद है. 5 अक्टूबर 2026 को उसे ट्रांजिट रिमांड पर प्रयागराज लाकर विशेष अदालत में पेश किया गया. पेशी के दौरान निजी वकील न होने की बात सामने आने पर उसने निशुल्क कानूनी सहायता मांगी. विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मयंक ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखकर सरकारी अधिवक्ता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
अब विकास गुप्ता उमेश पाल हत्याकांड और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमों में अरमान का पक्ष रखेंगे. गुप्ता गरीब कैदियों को निशुल्क कानूनी सहायता देने के लिए जाने जाते हैं. गैंगस्टर एक्ट के मामले में अदालत ने 22 अक्टूबर को गया जेल से अरमान को पेश करने का आदेश दिया है. अरमान का अतीक अहमद के परिवार से भी संपर्क होने की जानकारी सामने आई है. आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होगा.