नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग वाली याचिका को 26 अक्टूबर को सुनने पर सहमति जताई. याचिका में 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए विपक्षी मार्च के दौरान एक गर्भवती महिला पत्रकार को धक्का दिए जाने का आरोप लगाया गया है. पत्रकार रिचा पराशर (OneIndia) का आरोप है कि जब उन्होंने राहुल गांधी से बयान लेने के लिए माइक बढ़ाया, तो उनके सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें धक्का दे दिया. तीन महीने की गर्भवती पराशर गिर गईं और घायल हो गईं.
उन्हें अस्पताल में भर्ती भी कराया गया. एडवोकेट दिगंत मिश्रा और अन्य द्वारा दायर आवेदन में दिल्ली पुलिस को निर्देश देने की मांग की गई है कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला), धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और धारा 131 (हमला या आपराधिक बल का प्रयोग) के तहत राहुल गांधी और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जाए.
याचिका में 12 अक्टूबर के CCTV फुटेज, एक्सेस कंट्रोल लॉग और विजिटर रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की भी मांग की गई है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की बेंच ने कहा कि यह आवेदन विरोध प्रदर्शनों से जुड़े अन्य मामलों के साथ 26 अक्टूबर को सुना जाएगा.
इससे पहले अदालत ने मौखिक उल्लेख पर स्वत: संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था और याचिका दाखिल करने को कहा था. 12 अक्टूबर को राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ याचिका दायर करने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. इस दौरान हुए हंगामे में यह घटना कथित तौर पर हुई.