देहरादून: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ गुरुवार शाम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है. आरोप है कि पति ने उनकी हत्या की साजिश रची, शारीरिक हमला किया, धोखाधड़ी और जालसाजी की. गढ़ी कैंट थाने में भारतीय दंड संहिता की 13 धाराओं तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज की गई.
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनने के बाद वे हिल गईं. उन्होंने कहा कि इस ऑडियो ने मुझे झकझोर दिया और मेरे रिश्ते पर सवाल खड़ा कर दिया. क्या सच्चाई और ईमानदारी से जीने का यही फल मिलता है? बच्चों की सुरक्षा के लिए दर्द भरे दिल से मुझे पुलिस में शिकायत करनी पड़ी. मंत्री को अस्वस्थ महसूस होने पर अस्पताल भी ले जाया गया.
ऑडियो में क्या कहा गया?
मंत्री द्वारा साझा की गई करीब 8 मिनट 27 सेकंड की रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर साहू एक महिला से बात करते सुनाई देते हैं. वे महिला को “मेरे बाबू, मेरे बाबू” कहकर आश्वस्त करते हैं कि वे उसके साथ हैं और उसे जमानत मिल जाएगी. महिला जेल जाने और बदनामी की चिंता जताती है, तो साहू कहते हैं कि कुछ नहीं निकलेगा. रिकॉर्डिंग में रेखा आर्या की मौत की बात और गाली-गलौज भी कथित रूप से सुनाई देती है. टाइम्स ऑफ इंडिया ने ऑडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है.
शादी में धोखा, हिंसा के आरोप
शिकायत में आर्या ने बताया कि 6 जुलाई 2004 को बरेली (उत्तर प्रदेश) में उनकी शादी हुई थी. पति ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि उनकी पहले से पत्नी और बच्चे थे. सालों बाद पता चलने पर भी बच्चों के लिए चुप रहीं. बाद में पति अन्य महिलाओं से संबंध रखने लगे. विरोध करने पर माफी मांगते थे, लेकिन रिश्ते जारी रखते थे. विरोध करने पर शारीरिक हमला, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने लगे. आधिकारिक आवास पर कर्मचारियों के सामने जातिसूचक गालियां भी दीं.
जालसाजी का भी आरोप
आर्या ने आरोप लगाया कि पति ने उनके हस्ताक्षर जाली बनाकर दस्तावेज तैयार किए, जिसमें दिखाया गया कि उन्होंने कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने न तो हस्ताक्षर किए और न ही कोई इस्तीफा दिया. वीडियो में मंत्री ने महिलाओं से अपील की कि घरेलू हिंसा सहने की बजाय आवाज उठाएं, चाहे वे आम हों या प्रभावशाली. उन्होंने कहा कि संविधान को गवाह मानकर मैंने हमेशा अपना कर्तव्य निभाया है और आगे भी निभाऊंगी.