नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कनॉट प्लेस में आयोजित होने वाले ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा समेत करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में शाम 5 बजे तिरंगा मार्च का आह्वान किया था.
यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर किया जा रहा था. पुलिस ने क्षेत्र में धारा 163 (बीएनएसएस) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी.
अभिजीत दिपके को झंडेवालान/करोल बाग क्षेत्र में उनके ठहरने की जगह (एनसीपी-एसपी प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास) से निकलते ही हिरासत में ले लिया गया. वे कनॉट प्लेस जा रहे थे. वहीं नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास तब हिरासत में लिया गया जब वे सेंट्रल पार्क की ओर मार्च शुरू करने वाली थीं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही.
कनॉट प्लेस में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, सेंट्रल पार्क को घेर लिया गया और प्रदर्शनकारियों को हटाया गया. पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ट्रैफिक सुचारू रखने के लिए यह कार्रवाई की गई. प्रदर्शनकारियों ने तिरंगा लेकर नारेबाजी की और पुलिस कार्रवाई का विरोध किया. कई जगहों पर धक्का-मुक्की भी हुई. यह घटना दिल्ली में चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी में आई है.