धोखाधड़ी के मामलों में अमेठी पुलिस लिखती रही FIR, पर उसके साथ ही हो गया 2 करोड़ का फ्रॉड

Global Bharat 28 Mar 2023 2 Mins
धोखाधड़ी के मामलों में अमेठी पुलिस लिखती रही FIR, पर उसके साथ ही हो गया 2 करोड़ का फ्रॉड

बीजेपी नेता ने 2 करोड़ का किया यूपी पुलिस के साथ फ्रॉड

जो पुलिस दूसरों को फ्रॉड से बचने का सलाह देती है, वो खुद ही दो करोड़ के फ्रॉड का शिकार हो गई, और वो फ्रॉड ऐसा है जिसे एसपी से लेकर जिले के बड़े-बड़े अधिकारी तक नहीं पकड़ पाए, पुलिस को काफी जमीन की जरूरत थी, ताकि वहां सैकड़ों पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग रहने और गाड़ी रखने से लेकर तमाम इंतजाम किया जा सके, मतलब पुलिस लाइन बनना था, तो उसने इलाके के बड़े-बड़े जमीन वालों से संपर्क साधा, इसी में से एक आदमी ने कहा मैं आपको 2 करोड़ में पूरी जमीन दे दूंगा, चूंकि वो बीजेपी का नेता भी था, इसलिए पुलिस ने लगता है ज्यादा जांच पड़ताल नहीं की. पुलिस ने उसको पैसे दिए और उसने जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी. अब जमीन पुलिस विभाग के नाम हो गया, पर असल खेल इसके बाद शुरू हुआ. जनवरी महीने में प्रयागराज के रिकवरी ऑफिस से पुलिस को 78 लाख रुपये के रिकवरी का नोटिस मिला, नोटिस देखते ही क्लर्क से लेकर एसपी साहब का भी दिमाग भन्ना गया. जब जांच हुई तो पता चला

सवाल ये है जब पुलिस अधिकारियों के साथ ये हो रहा है तो आम आदमी के साथ क्या-क्या फ्रॉड होता होगा

बीजेपी नेता ओम प्रकाश मिश्रा ऊर्फ प्रकाश मिश्रा ने अपनी जमीन के नाम पर 78 लाख रुपये का लोन लिया था, और वही जमीन मिश्रा ने पुलिस विभाग के नाम कर दी. फर्जी एनओसी के जरिए ये पूरा खेल रचा गया.अब सवाल ये उठता है कि पुलिस विभाग के तेज तर्रार अधिकारी ये बात क्यों नहीं पकड़ पाए, वो दूसरों के फ्रॉड और जमीन के मामले सुलझाते हैं लेकिन जब खुद के लिए जमीन खरीदनी थी तो उनकी बुद्धि कहां गई थी, जब फर्जी एनओसी जमा हुआ तो क्या किसी को ये ध्यान नहीं था, ये कागज फर्जी है, क्या अमेठी में इस तरह का खेल बड़े लेवल पर चल रहा है, सोचने वाली बात ये है कि ये खेल उस अमेठी में हुआ, जहां से स्मृति ईरानी सांसद हैं, जहां के आरिफ और सारस की दोस्ती की चर्चा खूब हो रही है, पर इस घोटाले पर सब चुप हैं. आरोपी बीजेपी का नेता है इसलिए विपक्ष इस मसले को सियासत के नजरिए से देख रहा है, लेकिन सवाल यहां सियासत से ज्यादा धोखाधड़ी को रोकने का है.

जमीन लेने से पहले इन चीजों की ठीक से कर लें जांच वरना आप भी हो सकते हैं ऐसे फ्रॉड का शिकार

अगर आप भी कभी कोई जमीन या फ्लैट खरीदने जाएं तो ये जरूर तय कीजिए आपको एनओसी या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जो मिला है, वो जाली न हो, वरना ऐसे ही फ्रॉड में आप भी फंस सकते हैं.
गांवों में जमीन खरीदने वाले लोग हल्का कर्मचारी या तहसील में जाकर नक्शा देखते हैं, फिर ये चेक करते हैं कहीं वो जमीन पहले तो नहीं बिक चुकी है
किसी भी जमीन को खरीदने से पहले उसकी लेटेस्ट रसीद जरूर देखें और ये भी तय करें कि उस जमीन पर किसी तरह का लोन या लफड़ा न होहमने आपको ये रिपोर्ट इसिलिए दिखाई ताकि ये समझ सकें कि समाज में फ्रॉड किस लेवल तक बढ़ गया है, जब पुलिस इसका शिकार हो सकती है तो आम जनता का क्या होगा. अमेठी के एसपी इलामारान जो अब कह रहे हैं कि मामले की जांच करवाएंगे, उन्हें उन जिम्मेदार अधिकारियों से पूछना चाहिए जो पुलिस विभाग का पूरा कागजी कामकाज देखते हैं, यहां बात कार्रवाई से ज्यादा पुलिस विभाग की बदनामी की है, आप इस पर क्या कहेंगे कमेंट में बता सकते हैं.

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