लखनऊ : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबले के बीच अब एक संभावित तीसरे मोर्चे को लेकर चर्चाएं जोर पकड़ रही हैं. राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM, नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद तथा पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य की पार्टी अपनी जनता पार्टी (AJP) एक साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही हैं.
सूत्रों का दावा है कि तीनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. अब इस संभावित मोर्चे के औपचारिक ऐलान की तैयारी चल रही है. चर्चा है कि 27 सितंबर को लखनऊ में तीनों नेता संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तीसरे मोर्चे की घोषणा कर सकते हैं.
इस संभावित गठबंधन में कौशांबी की सिराथू विधानसभा सीट से विधायक और अपना दल (कमेरावादी) की प्रमुख डॉ. पल्लवी पटेल के भी शामिल होने की चर्चा है. अगर यह गठजोड़ आकार लेता है, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में मुकाबले का समीकरण कई सीटों पर बदल सकता है.
हालांकि, अभी तक इन दलों की ओर से गठबंधन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. सीटों के बंटवारे, साझा कार्यक्रम और चुनावी रणनीति जैसे मुद्दों पर भी अंतिम तस्वीर सामने आना बाकी है.
ओवैसी की AIMIM लंबे समय से उत्तर प्रदेश में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी दलित राजनीति के मुद्दों को लेकर सक्रिय है। वहीं स्वामी प्रसाद मौर्य भी अपनी नई राजनीतिक पारी के जरिए चुनावी मैदान में मौजूद हैं.
ऐसे में यदि तीनों दलों के साथ पल्लवी पटेल भी इस मोर्चे का हिस्सा बनती हैं, तो 2027 के यूपी चुनाव में बीजेपी, सपा-कांग्रेस गठबंधन के अलावा एक अलग राजनीतिक विकल्प के रूप में यह मोर्चा सामने आ सकता है. फिलहाल निगाहें 27 सितंबर को होने वाली संभावित घोषणा पर टिकी हैं.