कागजों पर टाइपिस्ट, जमीनों पर बादशाह! बिहार-झारखंड में 17 करोड़ की दौलत, UP Vigilance हैरान

Amanat Ansari 30 Jan 2026 07:35: PM 1 Mins
कागजों पर टाइपिस्ट, जमीनों पर बादशाह! बिहार-झारखंड में 17 करोड़ की दौलत, UP Vigilance हैरान

नई दिल्ली: एक टाइपिस्ट कितनी सैलरी कमा सकता है? यह सवाल अब एक बड़ी Vigilance जांच के केंद्र में है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के जिला आपूर्ति अधिकारी कार्यालय में तैनात एक टाइपिस्ट के पास 17 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जुड़ी हुई पाई गई है. यह चौंकाने वाली खोज तब हुई जब उत्तर प्रदेश Vigilance विभाग के गोरखपुर सेक्टर ने बिहार और झारखंड के तीन जिलों में समन्वित छापेमारी की. जो शुरू में एक सामान्य जांच थी, वह बहु-राज्यीय ऑपरेशन में बदल गई.

जांचकर्ताओं ने टाइपिस्ट गगन कुमार सिंह द्वारा कथित रूप से स्वामित्व वाली उच्च-मूल्य वाली संपत्तियों का एक आश्चर्यजनक नेटवर्क खोजा, जो उनकी मामूली सरकारी पदवी से बिल्कुल विपरीत है. विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, बिहार के बांका और भागलपुर जिलों तथा झारखंड के देवघर जिले में तीन 24 सदस्यीय टीमों द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया.

इस ऑपरेशन में कई स्थानों पर फैली विशाल संपत्ति पोर्टफोलियो का पता चला. बांका में सिंह का पैतृक घर है, जिसमें एक गोदाम शामिल है जिसकी कीमत 4.29 करोड़ रुपए बताई गई है और एक आवासीय भवन जिसकी कीमत 1.70 करोड़ रुपए है. भागलपुर में 34 लाख रुपए का एक फ्लैट मिला, जबकि देवघर में 1.17 करोड़ रुपए का एक अन्य गोदाम पाया गया.

जांचकर्ताओं ने 33 संपत्ति पंजीकरणों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए, जिनमें फार्महाउस और प्लॉट शामिल हैं, जो उनकी ज्ञात आय स्रोतों के सापेक्ष बड़े पैमाने पर निवेश दर्शाते हैं. विजिलेंस विभाग ने असंगत संपत्ति (disproportionate assets) मामले के तहत विस्तृत जांच शुरू कर दी है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि एक क्लेरिकल कर्मचारी ने मऊ जिले के आपूर्ति कार्यालय में सेवा करते हुए करोड़ों की संपत्ति कैसे जमा की.

Typist Mau Uttar Pradesh vigilance department

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