वाशिंगटन: अमेरिका ने अपना सबसे महंगा निगरानी ड्रोन MQ-4C Triton संभवतः खो दिया है. यह घटना स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर एक गुप्त मिशन के दौरान हुई, जो अभी भी ईरान द्वारा बड़े पैमाने पर ब्लॉक किया हुआ है, भले ही अमेरिका के साथ दो हफ्ते का सीजफायर समझौता हो चुका हो. ओपन-सोर्स फ्लाइट मॉनिटरिंग अकाउंट्स के अनुसार, MQ-4C Triton (जिसकी कीमत लगभग 200 मिलियन डॉलर यानी 1,856 करोड़ रुपए है ने इमरजेंसी घोषित करने के बाद ट्रैकिंग सिस्टम से गायब हो गया. यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि ड्रोन क्रैश हो गया या ईरान ने इसे मार गिराया.
अगर यह पुष्टि हो जाती है, तो यह 2018 में शामिल किए गए MQ-4C Triton का लड़ाई में पहला ज्ञात नुकसान होगा. इससे ईरान संघर्ष में अमेरिका के हवाई संपत्तियों के नुकसान में और इजाफा होगा. 3 अप्रैल को एक F-15E और एक A-10 Warthog विमान मार गिराए जाने के अलावा, कई अमेरिकी विमानों को ईरान ने निशाना बनाया था. मार्च में कुवैत के ऊपर फ्रेंडली फायर में तीन F-15E Strike Eagles भी गिराए गए थे. अमेरिका ने 17 MQ-9 Reaper ड्रोन्स भी खोए हैं, जिससे यह अमेरिका के लिए एक बहुत महंगा सैन्य अभियान साबित हो रहा है.
क्या अमेरिकी निगरानी विमान मार गिराया गया?
MQ-4C Triton का नुकसान ट्रंप के युद्ध खर्चे में और बढ़ोतरी करेगा. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि तीन घंटे के मिशन के बाद इटली के सिगोनेला (अमेरिका के साथ संयुक्त रूप से संचालित) बेस की ओर लौटते हुए ड्रोन तेजी से नीचे आया और गायब हो गया. डेटा दिखाता है कि यह कुछ ही सेकंड में 50,000 फीट की ऊंचाई से 10,000 फीट से नीचे गिर गया.
ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, सबसे उन्नत और महंगे अनमैन्ड निगरानी विमानों में से एक MQ-4C Triton ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किया, फिर अचानक ईरान की ओर मुड़ गया. रडार से गायब होने से पहले ड्रोन ने कोड 7700 प्रसारित किया, जो इन-फ्लाइट इमरजेंसी का संकेत है. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं करता कि इमरजेंसी क्या थी.
यह भी साफ नहीं है कि यह निगरानी विमान होर्मुज के ऊपर क्या कर रहा था. वह महत्वपूर्ण ऊर्जा चोकपॉइंट, जिससे दुनिया का 20% तेल और गैस गुजरता है. युद्ध शुरू होने के बाद ईरान ने फारस की खाड़ी के मुहाने पर इस जलमार्ग को ब्लॉक कर दिया है, जिससे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति रुक गई है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाया हुआ है.
ईरान को 8 अप्रैल को अमेरिका के साथ सीजफायर समझौते के बाद होर्मुज दोबारा खोलना था. लेकिन पिछले 48 घंटों में मुट्ठी भर जहाज ही इस गलियारे से गुजरे हैं. ईरान अभी भी चोकहोल्ड बनाए हुए है और लेबनान में इजरायल के हमलों का हवाला दे रहा है.
पिछले एक महीने से अमेरिकी नौसेना इस ड्रोन का इस्तेमाल फारस की खाड़ी और उसके आसपास की गतिविधियों की निगरानी के लिए कर रही थी. सीजफायर समझौते से एक दिन पहले, 7 अप्रैल को यह ड्रोन ईरान के महत्वपूर्ण तेल केंद्र खार्ग द्वीप के ऊपर चक्कर लगाते देखा गया था. उसी समय अमेरिका के जमीन हमले या खार्ग की ऊर्जा सुविधाओं पर सजा के तौर पर हमले की अटकलें जोरों पर थीं.
पिछले हफ्ते, MQ-4C Triton ने ईरान द्वारा एक F-15E Strike Eagle मार गिराने के बाद कॉम्बैट सर्च एंड रेस्क्यू (CSAR) मिशन में हिस्सा लिया था. हालांकि, पायलट और वेपन सिस्टम ऑफिसर (WSO) दोनों ने इजेक्ट कर लिया था और उन्हें ईरान के अंदर एक बड़े अमेरिकी अभियान में बचा लिया गया था.
यह याद रखना चाहिए कि MQ-4C Triton कोई साधारण UAV नहीं है. नॉर्थ्रोप ग्रुम्मन द्वारा विकसित यह ड्रोन समुद्री खुफिया जानकारी और लंबे समय तक निगरानी के लिए बनाया गया है. यह 24 घंटे से ज्यादा लगातार उड़ान भर सकता है. यही वजह है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे विशाल और महत्वपूर्ण चोकपॉइंट्स की निगरानी के लिए यह आदर्श है.