दुनिया भारत के लिए खुल रही है, हम वैश्विक कल्याण में भूमिका निभा रहे हैं, PM ने राज्यसभा में क्या-क्या कहा...

Amanat Ansari 05 Feb 2026 06:53: PM 4 Mins
दुनिया भारत के लिए खुल रही है, हम वैश्विक कल्याण में भूमिका निभा रहे हैं, PM ने राज्यसभा में क्या-क्या कहा...

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए कई महत्वपूर्ण मुद्दों और सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला. हालिया यूरोपीय संघ के साथ 'मदर ऑफ ऑल डील्स' और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया भारत के लिए खुल रही है और भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक महान संभावना के रूप में देख रही है. प्रधानमंत्री ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर तीखा हमला भी बोला और कई मुद्दों का हवाला दिया जिन्होंने वर्षों से भारत की प्रगति को प्रभावित किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या-क्या कहा...

  • बड़े-बड़े देश भारत के साथ व्यापार संबंध बनाने के लिए बहुत उत्सुक हैं. चाहे यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता हो या हाल ही में अमेरिका के साथ समझौता. पूरी दुनिया इन व्यापार समझौतों की खुलकर प्रशंसा कर रही है. जब हमने यूरोपीय संघ के साथ व्यापार समझौता किया, तो दुनिया को वैश्विक स्थिरता की अधिक संभावना पर ज्यादा भरोसा हुआ. अमेरिका के साथ समझौते के बाद दुनिया को और ज्यादा विश्वास हुआ कि स्थिरता के साथ अब गति भी आएगी. यह दुनिया के लिए एक सकारात्मक संकेत है.

हमारी ऊर्जा का एक बड़ा हिस्सा अतीत की गलतियों को सुधारने में लग रहा है. उस दौर में दुनिया के मन में जो छवि बनाई गई थी, उसे मिटाने में बहुत प्रयास लगते हैं, उन्होंने चीजों को इतना क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दिया था. इसलिए हमने भविष्य-उन्मुख नीतियों पर मजबूत जोर दिया है. आज देश नीति और रणनीति के आधार पर संचालित हो रहा है. भारत पर वैश्विक विश्वास बढ़ रहा है. 'रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म' के मंत्र से निर्देशित होकर हम आगे बढ़े हैं, और आज की हकीकत यह है कि राष्ट्र 'रिफॉर्म एक्सप्रेस' पर सवार हो चुका है.

  • 21वीं सदी का पहला तिमाही पूरा हो चुका है. लेकिन यह दूसरी तिमाही निर्णायक है, ठीक वैसे ही जैसे पिछले सदी में भारत के स्वतंत्रता संग्राम की दूसरी तिमाही निर्णायक थी. मैं स्पष्ट रूप से देख सकता हूँ कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में यह दूसरी तिमाही भी उतनी ही सशक्त होगी.
    विकसित भारत की यात्रा में पिछले वर्ष तेज विकास के वर्ष रहे हैं. यह हर क्षेत्र में, समाज के हर वर्ग में परिवर्तन का दौर रहा है. देश सही दिशा में तेज गति से आगे बढ़ रहा है.

त्रिणमूल कांग्रेस के साथियों ने बहुत कुछ कहा. लेकिन उन्हें खुद को देखना चाहिए. एक क्रूर सरकार सभी गिरावट के पैमानों पर नए रिकॉर्ड बना रही है. लेकिन वे हमें व्याख्यान दे रहे हैं. लोगों का भविष्य अंधेरे में डूब रहा है लेकिन उन्हें (राज्य सरकार को) कोई परवाह नहीं. उनकी सत्ता में बने रहने के अलावा कोई आकांक्षा नहीं है. वे यहां व्याख्यान दे रहे हैं. दुनिया के समृद्ध राष्ट्र अवैध निवासियों को अपने देश से बाहर निकाल रहे हैं. लेकिन हमारे देश में अदालतों पर दबाव डाला जा रहा है. ऐसे लोगों को हमारे राष्ट्र का युवा कैसे माफ कर सकता है जो घुसपैठियों के पक्ष में हर संभव तरीके से वकालत कर रहे हैं? नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध की योजना मेरे जन्म से पहले 1950 में ही बन गई थी. अब देखिए कांग्रेस सरकारों की गंभीरता और दक्षता, कि बांध अंततः मेरे प्रधानमंत्री बनने पर पूरा हुआ और मेरा उद्घाटन किया.

  • विपक्षी दलों के सदस्यों ने भारत के राष्ट्रपति – देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद – के खिलाफ घृणित भाषा का इस्तेमाल किया. उन्होंने एक आदिवासी महिला के बारे में बुरे शब्द कहे जो नीचे से ऊपर उठकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंची हैं और विनम्र पृष्ठभूमि से आती हैं. इसकी सबसे कड़ी निंदा होनी चाहिए.
    ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब विपक्ष मुझे गालियां न दे. वे मोदी की कब्र खोदने की बात करते हैं. क्या इसलिए क्योंकि हम आतंकवाद से सबसे अच्छे तरीके से लड़ते हैं? क्या इसलिए क्योंकि हम पाकिस्तान और उसके आतंक कारखाने को करारा जवाब देते हैं? क्या इसलिए क्योंकि हम ऑपरेशन सिंदूर करते हैं? क्या इसलिए क्योंकि हम देश को आर्थिक प्रगति के रास्ते पर ले जा रहे हैं? यह नफरत कहां से आती है?

कांग्रेस को असम से समस्या है. उन्होंने भूपेन हazarika को भारत रत्न देने का विरोध क्यों किया? भूपेन हazarika ने पूर्वोत्तर क्षेत्र की एकता में बहुत योगदान दिया है. कांग्रेस के युवराज इतने अहंकारी हैं कि उन्होंने एक सम्मानित सांसद को 'गद्दार' कहा. रवनीत सिंह बिट्टू एक देशभक्त हैं. उनकी परिवार ने देश के लिए बहुत बलिदान दिया है. उन्हें किसी को गद्दार कहने का कोई अधिकार नहीं. सिख समुदाय के प्रति उनकी नफरत उजागर हो गई है.

  • एक सांसद बहुत कुछ कह रहे थे. उनकी पूरी सरकार शराब में डूबी हुई है. उनका 'शीशमहल' हर घर में नफरत का कारण बन गया. चाहे कांग्रेस हो, टीएमसी, डीएमके, वामपंथी – वे दशकों तक केंद्र में सत्ता में थे. राज्य में भी सत्ता में थे. लेकिन उनके समय में सौदों की चर्चा में बोफोर्स का जिक्र होता था.
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