नई दिल्ली: लोकसभा को बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सदन को संबोधित करने से ठीक कुछ मिनट पहले स्थगित कर दिया गया. यह घटना तब हुई जब विपक्षी सांसदों के शोर-शराबे वाले विरोध प्रदर्शन ने ट्रेजरी बेंचों (सत्ता पक्ष की सीटों) के पास टकराव में बदल दिया, जिससे तीखे आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए. बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने दावा किया कि कई विपक्षी महिला सांसद सदन के वेल में घुसीं, प्रधानमंत्री की कुर्सी की ओर बढ़ीं और वरिष्ठ मंत्रियों की बार-बार अपील को नजरअंदाज कर अपनी सीटों पर वापस नहीं लौटीं.
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तिवारी के अनुसार, स्थिति बेकाबू होने के कारण प्रधानमंत्री सदन में प्रवेश ही नहीं कर सके. उन्होंने कहा कि जहां प्रधानमंत्री बैठते हैं, वहां तक वे चढ़ गईं. उन्होंने भारी हंगामा किया. उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी सांसद आक्रामक बॉडी लैंग्वेज के साथ आए थे और उनका व्यवहार गंभीर सुरक्षा चिंता पैदा कर रहा था, यहां तक कि वे प्रधानमंत्री पर हमला भी कर सकते थे. विपक्षी सांसद नारे लगाते हुए वेल में घुसे और एक बड़ा बैनर लिए हुए थे जिस पर लिखा था “जो उचित लगे वो करो”. तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्य भी शामिल हो गए और विरोध तेज होने पर भूंकने लगे. उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद नहीं थे.
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हंगामे के दौरान विपक्ष की कुछ महिला सांसद ट्रेजरी बेंचों की ओर बढ़ीं और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे से भिड़ गईं, जिससे गर्मागर्म मौखिक झगड़ा हुआ. ज्योतिमणि और वर्षा गायकवाड़ जैसी सांसदें दुबे की ओर बढ़ीं, जिसके बाद बीजेपी की महिला सांसदें भी उनके पास पहुंचीं और कुछ पल के लिए आमने-सामने की स्थिति बन गई. स्पीकर द्वारा स्थगन की घोषणा के बावजूद हंगामा जारी रहा. सूत्रों ने बताया कि सदन स्थगित होने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी महिला सांसदें फिर से ट्रेजरी बेंचों की ओर बढ़ीं, प्रधानमंत्री की कुर्सी के पीछे दो पंक्तियों तक पहुंचीं और दुबे की दिशा में जा रही थीं.
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केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और अन्य मंत्रियों ने सांसदों से पीछे हटने की अपील की, लेकिन महिला सांसदें आगे बढ़ती रहीं. कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बाद में हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों के सदस्यों से अपनी-अपनी जगह वापस जाने को कहा. कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने सत्ताधारी दल पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री विरोध के कारण सदन से बच गए. प्रियंका गांधी ने कहा कि वे डर गए और इसलिए सदन में नहीं आए. उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पर तंज कसा कि वे बुलेट ट्रेन की तरह भाग गए.