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Beawar rape case: जब दिल्ली में मोदी हों, और राजस्थान में मोदी के चहेते भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री हों, तो इतना बड़ा कांड राजस्थान में हुआ कैसे. इधर योगी आदित्यनाथ ऑपरेशन लंगड़ा चलाकर शोहदों को सबक सीखा रहे हैं. तो राजस्थान में शोहदों ने ऐसी हिमाकत कैसे कर दी? पूरी कहानी शुरू होती है राजस्थान के बयावर जिले के विजयनगर इलाके से, जहां एक स्कूल है. आसपास के गांवों की बेटियां हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए जाती हैं. मोहम्मद लुकमान और रेहान एक साजिश रचते हैं. स्कूल के आसपास के जो दुकानों लगती हैं, वहां लड़कियों का नाम पूछते हैं. वहां से इंस्टाग्राम पर जाते हैं, वहां उस लड़की को खोजकर हाय-हैल्लो का मैसेज भेजते हैं, लड़की से बात शुरू करते हैं.
दरअसल, वो सभी बच्चियां छोटी हैं, नाबालिग हैं इसलिए उन्हें प्रलोभन और लालच दिया जाने लगा. एक लड़की मोहम्मद लुकमान के संपर्क में आ जाती है, मोहम्मद लुकमान के सहारे उसके कई दोस्त स्कूल की 5 लड़कियों के संपर्क में आ जाते हैं. आरोपी लड़कियों को ब्लैकमेल करने की धमकी देकर पैसा वसूली का काम भी करने लगते हैं. एक पीड़िता घर में चोरी करते पकड़ी गई, तब पता चला कि उसके पास फोन भी है.
परिवार के सदस्यों ने जब जोर देकर पूछा तो पता चला मोहम्मद लुकमान का इसमें नंबर भी है. घरवाले लड़की पर नजर रखने लगते हैं, एक दिन लुकमान उस लड़की को कब्रिस्तान बुलाता है, वहां उसके साथ जोर जबरदस्ती करता है. जैसे ही वो चिल्लाती है, लड़की पर नजर रखे घरवाले तुरंत पहुंच जाते हैं. वहां लुकमान भागता नहीं, बल्कि उल्टा लड़की के घरवालों को ही धमकी देने लगता है, सब डरकर वापस लौटते हैं, और थाने में मुकदमा दर्ज करवाने जाते हैं. वहां एक केस दर्ज होता है, पुलिस पड़ताल करती है, और यहीं होता है चौंका देने वाला खुलासा.
पता चला कि सिर्फ एक लड़की नहीं है, बल्कि एक ही स्कूल की 5 लड़कियां हैं, और इसमें आरोपी सिम कार्ड देने वाला भी है. वो कैफे का संचालक भी है, जहां से ये सभी बच्चियों को बुलाकर बहलाते और फुसलाते थे, फिर वहां से बात होटल तक पहुंच जाती है. होटल में ले ली जाती हैं तस्वीरें, और यहीं से ग्रुप ब्लैकमेलिंग पर उतर जाता है. और अब ये अपनी असली रूप में आते हैं, कि इनका मकसद क्या था, इन बच्चियों को यहां बुलाने का...
एक लड़की ने पुलिस में बयान दर्ज करवा कि वो मुझे धमकी देने लगा कि तुम बुर्का पहनो, इस्लाम कबूल करो, मेरे साथ मस्जिद चलो, तो दूसरी लड़की के साथ भी ऐसी ही कहानी हुई. तीसरी लड़की को तो इसने इस्लाम कबूल करने से इनकार करने पर पीटा भी. पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को पकड़ा है, 5 से 10 आरोपियों की और भी गिरफ्तारी हो सकती है, इनका काम था अजमेर कांड को दोहराना.
500 हिंदू लड़कियों के वीडियो बनाना और उसके बाद उनका धर्म बदलवाना. बच्ची की चोरी न पकड़ी जाती तो ये केस न खुलता, समाज अनभिज्ञ रहता कि पड़ोस में रहने वाला मौलवी का बेटा क्या ऐसा भी कर सकता है. पुलिस गहरी जांच कर रही है. भजनलाल शर्मा की सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई कर दी है. इलाके में लगातार छापेमारी हो रही है. बयावर जिले के वकीलों ने केस न लड़ने का ऐलान कर दिया है और पिछले चार दिनों में बयावर जिले के वकीलों ने आरोपियों की कुटाई कर दी, जिसकी तस्वीरे आपके सामने है, पूरे बयावर में चर्चा सिर्फ योगी की हो रही है, कि अगर वो होते तो पूरा शहर खुदवाकर सच्चाई बाहर निकालते.