Baloch attacks on 12 cities in Pakistan: पाकिस्तान किक्रेट टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ टी20 मैच खेल रही थी, उधर बलूचिस्तान प्रांत में 31 जनवरी 2026 को बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने बड़े स्तर पर समन्वित हमले किए, जिसे उन्होंने ऑपरेशन हेरॉफ के दूसरे चरण का नाम दिया. ये हमले क्वेटा, नुश्की, मस्तुंग, दल्बंदिन, कलात, खारान, ग्वादर, पसनी, टंप, बुलेदा और अन्य कई इलाकों में हुए. BLA ने इन हमलों को सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों पर लक्षित बताया है.
हमलों की शुरुआत सुबह जल्दी हुई, जिसमें बंदूकबाजी, विस्फोट और कुछ जगहों पर सुसाइड अटैक शामिल थे. क्वेटा में पुलिस स्टेशनों और सरकारी इमारतों पर गोलीबारी की खबरें आईं. मस्तुंग में एक पुलिस स्टेशन पर कब्जे की रिपोर्ट थी, जहां से कैदियों के भागने की भी बात सामने आई. नुश्की और अन्य जिलों में सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमले हुए.
बलूच लोगों से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील
BLA के कमांडर बशीर ज़ेब बलूच ने एक वीडियो संदेश में बलूच लोगों से इस लड़ाई में शामिल होने की अपील की. उन्होंने इसे राष्ट्रीय मुक्ति की जंग करार दिया और कहा कि भाग लेने वाले इतिहास में याद किए जाएंगे, जबकि चुप रहने वालों को हार के रूप में दर्ज किया जाएगा. पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों में कम से कम 10 सुरक्षा कर्मी (पुलिस और पैरामिलिट्री) मारे गए, जबकि दर्जनों अन्य घायल हुए.
37 से ज्यादा विद्रोहियों को मार गिराने का किया दावा
सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 37 से ज्यादा विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है. कुछ रिपोर्टों में कुल मारे गए विद्रोहियों की संख्या 50 से अधिक बताई गई है. पिछले 48 घंटों में कुल 70 से ज्यादा विद्रोहियों के मारे जाने की बात कही गई है. प्रांत में क्लियरेंस ऑपरेशन जारी हैं, और कई इलाकों में स्थिति नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है. अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है. मोबाइल फोन सेवाएं काम कर रही हैं, लेकिन इंटरनेट और डेटा सेवाएं प्रभावित बताई जा रही हैं.
बलूचिस्तान में दशकों पुराना है अलगाववादी संघर्ष
BLA को पाकिस्तान, अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा आतंकी संगठन घोषित किया गया है. बलूचिस्तान में दशकों पुराना अलगाववादी संघर्ष चल रहा है. BLA जैसे समूह पाकिस्तान से अलग होने की मांग करते हैं और संसाधनों के दोहन, जबरन गायब करने जैसे आरोप लगाते हैं. हाल के समय में हमलों में CPEC परियोजनाओं और चीनी नागरिकों को भी निशाना बनाया गया है. BLA इसे "न्याय की लड़ाई" बताता है. ये घटना बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति का एक और बड़ा उदाहरण है, जहां सुरक्षा बल और विद्रोही समूहों के बीच टकराव तेज हो गया है. स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है.