नई दिल्ली: त्रिपुरा के दो भाइयों पर देहरादून में हुए नस्लीय हमले की घटना, जिसमें एक की मौत हो गई, एक घृणा अपराध है और यह सत्तारूढ़ भाजपा के घृणा फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा लंबे समय से बनाए गए ऐसे माहौल का परिणाम है जिसमें इस तरह की हिंसा को सामान्य बना दिया गया है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को इस घटना की निंदा करते हुए यह बात कही.
त्रिपुरा के पश्चिम जिले के नंदननगर निवासी 24 वर्षीय एमबीए छात्र अंजेल चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में छह लोगों के एक समूह ने हमला किया था, जब उन्होंने नस्लीय टिप्पणी का विरोध किया. अंजेल ने 26 दिसंबर को अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस घटना ने पूरे देश में व्यापक आक्रोश पैदा किया है. त्रिपुरा सहित पूर्व के कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं.
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि देहरादून में अंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक घृणा अपराध है. घृणा रातोंरात नहीं उभरती. वर्षों से इसे रोजाना खिलाया जा रहा है और इसे सत्तारूढ़ भाजपा के घृणा फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा सामान्य बना दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि भारत सम्मान और एकता पर बना है, न कि डर और अपमान पर. हम प्यार और विविधता वाला देश हैं. हमें एक मृत समाज नहीं बनना चाहिए.
पुलिस के अनुसार, 9 दिसंबर को अंजेल चकमा और उनका भाई माइकल देहरादून में एक शराब की दुकान के पास कैंटीन में बैठे थे, जब आरोपी सुरज ख्वास (22), अविनाश नेगी (25) और सुमित (25) सहित एक अन्य समूह भी वहां मौजूद था. समूह ने अंजेल और उनके भाई को नस्लीय टिप्पणियां कीं. जब भाइयों ने विरोध किया, तो बहस बढ़ गई और चाकू व कुंद वस्तुओं से क्रूर हमला हो गया. अपना भाई बचाने की कोशिश में माइकल भी घायल हो गए.
बीएसएफ जवान अंजेल के पिता कहा कि हमलावरों ने उनके बेटे को बार-बार "चीनी" और "चीनी मोमो" कहा. अंजेल ने उन्हें बताया कि वह भारतीय हैं और चीनी नहीं, फिर भी हमलावरों ने कथित तौर पर चाकू और कुंद वस्तुओं से हमला किया.
घटना के बाद छह आरोपियों में से पांच गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि नेपाल के कंचनपुर जिले का निवासी यज्ञराज अवस्थी फरार है. पुलिस ने उसके पकड़ने की सूचना देने पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है और कई जगहों पर छापेमारी कर रही है. नेपाल में भी एक पुलिस टीम भेजी गई है.
आक्रोश बढ़ने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ऐसी घटनाएं अस्वीकार्य हैं और सरकार अपराधियों से सख्ती से निपटेगी. उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार उत्तराखंड में रहने वाले हर नागरिक की सुरक्षा और संरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
इस घटना को दुखद और अप्रत्याशित बताते हुए त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मनीक साहा ने कहा कि उनके उत्तराखंड समकक्ष ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने कहा, "दिल्ली नेतृत्व, जो इस घटना से अवगत है, ने भी उत्तराखंड सरकार को मामले में कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं."