नोएडा/गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश कैडर की 2019 बैच IPS अधिकारी प्रीति यादव को गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में नोएडा जोन-1 की पुलिस उपायुक्त (DCP) नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति के साथ वह नोएडा जोन-1 की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं. यह फैसला गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने प्रशासनिक फेरबदल के तहत लिया है. इससे पहले यह पद 2018 बैच के IPS अधिकारी साद मियां खान संभाल रहे थे, जिन्हें आगरा कमिश्नरेट में स्थानांतरित कर दिया गया है.
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और UPSC सफलता
प्रीति यादव का जन्म 10 अप्रैल 1996 को हरियाणा के रेवाड़ी में हुआ. उन्होंने 12वीं कक्षा ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम से 96.2 प्रतिशत अंकों के साथ पास की. इसके बाद भूगोल में ग्रेजुएशन किया, जिसमें 96 प्रतिशत अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता. ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने सिविल सेवा का लक्ष्य तय किया और पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई छोड़कर पूरी तरह UPSC की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया. 2018 की सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने अपने पहले प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 466 हासिल की और महज 22 वर्ष की उम्र में IPS में चयनित हुईं. 26 अगस्त 2019 को उन्होंने सेवा जॉइन की.
परिवार और करियर
उनके पिता मुकेश यादव चंडीगढ़ पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में नौकरी शुरू कर ASI तक पहुंचे. पिता को वर्दी में ड्यूटी करते देखकर ही प्रीति के मन में पुलिस सेवा के प्रति सम्मान पैदा हुआ. ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के रूप में हुई. वहां उन्होंने पुलिस लाइन के पुराने कैफे को ‘बेलआउट- द पुलिस कैफे’ के रूप में शुरू कर पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर संवाद बढ़ाने की पहल की. महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों में भी उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई. बाद में गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और पब्लिक सिक्योरिटी से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं.
अब नोएडा जोन-1 की DCP के रूप में उनकी जिम्मेदारी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की होगी. उनकी नियुक्ति को पुलिस विभाग में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के रूप में भी देखा जा रहा है. प्रीति यादव की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा मानी जा रही है, जो सीमित संसाधनों के बीच सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं.