चेहरे पर खौफ, आंखों में डर, जुबान पर गुहार, क्या यही है वो अतीक जिससे कांपता था आधा यूपी!

Global Bharat 27 Mar 2023 3 Mins
चेहरे पर खौफ, आंखों में डर, जुबान पर गुहार, क्या यही है वो अतीक जिससे कांपता था आधा यूपी!

अतीक अहमद यूपी की जेल में क्यों नही आना चाहता है जाने वजह

कहते हैं समय बड़ा बलवान होता है, और भगवान सारे हिसाब मौत के बाद के लिए नहीं रखता, कुछ की सजा दुनिया में ही दे देता है. अतीक को देख लीजिए. एक जमाना था, सरकार किसी की भी हो तूती उसी की बोलती थी. मंत्री कोई भी हो काम अतीक का ही होता था. बसपा-सपा दोनों की पूर्ण बहुमत की सरकार आई लेकिन कोई भी इस माफिया पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाया. अब साबरमती से निकलते हुए अतीक की ये तस्वीरें देखिए, बदन पर काला कुर्ता और हमेशा की तरह सर पर सफेद रुमाल लेकिन इस बार मूंछो पर ताव की जगह आंखों में खौफ था. उसकी अकड़ एकदम गायब थी. आप तस्वीरें देखिए, लग रहा है वो यहां से जाना ही नहीं चाहता है. पुलसवालों ने धक्का देकर गाड़ी में चढ़ाया. उससे पहले ही वो रुककर कहने लगा धक्का मत दो. फिर ट्रक में चढ़कर भी पीछे की तरफ खड़े होकर देखता रहा. लेकिन हमेशा चेहरे पर तेज लेकर चलने वाले अतीक के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई थी. ऐसा लग रहा था वो कई दिन से सोया नहीं है.

अतीक अहमद को यूपी में है इस बात का डर सुनिए उसने क्या कहा

ये तस्वीरें जब वो 100 परिवार देखेंगे जिन पर अतीक ने जुल्म ढाये थे तो योगी को दुआएं देंगे. साबरमती जेल से निकलते ही अतीक के सारे तेवर ढीले नजर आ रहे थे. वरना वो जेल में रहकर भी कभी डरा नहीं. क्योंकि वहीं से अपना काला साम्राज्य चला रहा था. पुलिस वैन में बैठे अतीक से पत्रकारों ने बात करने की कोशिश की तो उसके मुंह से सिर्फ एक ही बात निकल रही था…वो बार-बार कह रहा था, ये मेरी हत्या करना चाहते हैं. मेरी हत्या करना चाहते हैं,
अतीक के आगमन से पहले प्रयागराज की नैनी जेल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है. वहां चाक चौबंद चौकसी रखी जा रही है. इसी जेल में अतीक को रखा जाएगा.

अतीक अहमद को यूपी लाने का सबसे बड़ा कारण ये है

क्योंकि अतीक को उमेशपाल हत्याकांड की वजह से नहीं लाया गया है बल्कि अपहरण के मामले में 28 मार्च को उसे सजा सुनाई जाएगी. 100 से ज्यादा केसों में से पहली बार ऐसा होगा जब उसे किसी मामले में सजा मिलेगी. दरअसल 25 जनवरी 2005 को बसपा विधायक राजूपाल की हत्या कर दी गई थी. जिसमें उमेशपाल मुख्य गवाह था. 2007 में जब बसपा की सरकार आई तो उमेशपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि अतीक के गुर्गों ने उसका अपहरण किया था. और गवाही ना देने के लिए धमकाया था.

इसी केस में अब उसे सजा होनी है. क्योंकि ये केस अपहरण, साजिश और हत्या से जुड़ा है तो उसे फांसी तक की सजा भी हो सकती है.

उमेश पाल का हत्यारा अतीक अहमद नही बल्कि ये व्यक्ति है
अतीक किसी भी हाल में यूपी नहीं आना चाहता था. उसने अदालत में याचिका भी डाली थी कि उसे यूपी ना भेजा जाये. अतीक के परिवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जान का खतरा बताया था. लेकिन अभी भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि अतीक का बेटा कहां छिपा है और उसकी पत्नी कहां गायब है. क्योंकि उमेशपाल के मर्डर में अतीक का बेटा ही मेन कलप्रिट है. और पहले दिन से ही पुलिस उसकी तलाश में लगी है. लेकिन वो कहां गायब हो गया है किसी को खबर नहीं है. पुलिस नेपाल तक छापेमारी कर रही है.

लेकिन योगी आदित्यनाथ ने जो अतीक का खौफ खत्म किया है. उसकी लंबे समय तक बात होगी. क्योंकि ये वो माफिया है, जिसे यूपी में आतंक का दूसरा नाम कहा गया और जेल में होते हुए भी उसका रौब कभी कम नहीं हुआ. अब वो अगर माफी मांग रहा है तो क्या ही बात है.

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