योगी सरकार में महिलाओं के स्टार्टअप बना रहे नई पहचान, झांसी की शिवानी देश-दुनिया में लिख रही सफलता की नई कहानी

Global Bharat 03 Dec 2025 11:07: PM 2 Mins
योगी सरकार में महिलाओं के स्टार्टअप बना रहे नई पहचान, झांसी की शिवानी देश-दुनिया में लिख रही सफलता की नई कहानी
  • नीलम ने वेस्ट को बनाया वंडर, कबाड़ को दिया कलाकृति का रूप, पार्कों के सौंदर्यीकरण में हो रहे हैं प्रयुक्त
  • शिवानी तथा नीलम के स्टार्टअप्स को योगी आदित्यनाथ की सरकार ने सराहा, राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई पहचान

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार के स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने की पॉलिसी प्रदेश में महिला उद्यमियों को सशक्त करने का माध्यम बन रही है. प्रदेश में ऐसे कई उदाहरण हैं जो महिला उद्यमिता और नवाचार के नए प्रतिमान गढ़ रहे हैं. यूं तो प्रदेश के हर जिले में सफलता की ऐसी कहानियां आमतौर पर दिख जाएंगी, मगर इसमें विशेष उल्लेख है बुंदेलखंड की महिलाओं का, जिनकी सफलता नई कहानियां लिखने का काम कर रही है. झांसी की कई महिलाओं के स्टार्टअप्स इस समय देश और प्रदेश में चर्चा के केंद्र में हैं, जिनमें से एक है शिवानी के बेर से बने प्रोडक्ट तो दूसरा है नीलम की कबाड़ से बनी कलाकृतियां. इन दोनों को ही सरकार की ओर से सम्मान और प्रोत्साहन प्रदान किया गया है.

शिवानी ने बेर से बनाए अनूठे प्रोडक्ट

झांसी जिले की रहने वाली शिवानी बुंदेला ने फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए बेर के ऐसे-ऐसे प्रोडक्ट बनाए हैं, जो किसी का भी ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं. बेर से जूस, जैम, चॉकलेट और टॉफी बना चुकी शिवानी अभी हाल के दिनों में एक नया प्रोडक्ट सामने लेकर आयी हैं, जो है बेर से बना स्नैक्स. शिवानी के स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में झांसी स्मार्ट सिटी, उद्यान विभाग और एमएसएमई ने काफी मदद प्रदान की. जी 20 के आयोजन में शिवानी के स्टार्टअप को गिफ्टिंग पार्टनर बनाया गया था और काफी सराहना मिली थी. शिवानी ने अपने ब्रांड को अब्रोसा नाम दिया है. शिवानी लगभग 250 किसानों से बेर खरीद रही हैं जबकि उनके स्टार्टअप के माध्यम से 20 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं. उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के तीनों संस्करणों में शिवानी हिस्सेदारी निभा चुकी हैं. अभी कुछ समय पहले शिवानी को यूनाइटेड नेशन्स एनवायरनमेंट प्रोग्राम के तहत एग्रो फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी मिली है. फिलहाल इनके क्लाइंट्स में आदित्य बिरला समूह, एनबीसीसी, इरकॉन, ह्युंडई, एमिटी विश्वविद्यालय, एसकेएन, अवाडा जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों का नाम शुमार है. 

बेकार को आकार देकर नीलम ने बनाई पहचान

बेकार सामानों से कलाकृतियां तैयार करने वाली झांसी की नीलम सारंगी के स्टार्टअप बेकार के आकार को उत्तर प्रदेश सरकार ने सम्मानित करने के साथ ही प्रोत्साहित भी किया है. झांसी नगर निगम के साथ मिलकर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत निष्प्रयोज्य सामानों से पार्कों में सुंदर कलाकृतियां तैयार करने का काम किया. योगी सरकार ने नीलम सारंगी को अनूठे स्टार्टअप के लिए नवदेवी सम्मान प्रदान किया है. नीलम का स्टार्टअप इस समय बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के इंक्यूबेशन सेंटर में पंजीकृत है. नीलम ने अपने स्टार्टअप के साथ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो, स्टार्टअप महाकुंभ और राइज हैकथान जैसे आयोजनों में हिस्सेदारी निभाई है. नीलम इस समय स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता का प्रशिक्षण प्रदान कर रही हैं.

महिलाओं को मिल रही आत्मनिर्भरता की प्रेरणा

शिवानी बुंदेला ने बताया कि उनके स्टार्टअप को बढ़ावा देने में सरकार और प्रशासन ने काफी मदद की है. उनके स्टार्टअप के माध्यम से बेर से बने उत्पादों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और बर्बाद होने वाले बेर को बचाने की कोशिश की जा रही है. बहुत सारी महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं. वहीं, नीलम सारंगी के अनुसार नगर निगम, स्मार्ट सिटी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके स्टार्टअप 'बेकार को आकार' को प्रोत्साहित करने में मदद की. अब कोशिश है कि महिलाओं को यह हुनर सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया जाए.

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