नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों नेताओं की 7 लोककल्याण मार्ग पर करीब सवा घंटे तक बैठक चली. आधिकारिक तौर पर इस मुलाकात में क्या बात हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई है.
यह मीटिंग ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों और विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव होने वाले हैं. विधायकों की संख्या के आधार पर भाजपा 8 राज्यसभा सांसद और इतने ही विधान परिषद सदस्य भेजने की स्थिति में है. ऐसे में चर्चा है कि दोनों नेताओं ने उम्मीदवारों के नामों पर भी मंथन किया होगा.
किन सांसदों की सीटें खाली होंगी?
यूपी की जिन 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है, उनमें से 8 पर वर्तमान में भाजपा के सांसद हैं. इनमें हरदीप सिंह पुरी, डॉ. दिनेश शर्मा, अरुण सिंह, बृजलाल, बीएल वर्मा, नीरज शेखर, सीमा द्विवेदी और गीता शाक्य शामिल हैं.
माना जा रहा है कि हरदीप सिंह पुरी को फिर मौका मिल सकता है. डॉ. दिनेश शर्मा अब राज्यपाल बन चुके हैं, इसलिए उनकी जगह किसी और को भेजा जाएगा. चर्चा है कि पार्टी महासचिव हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी को यूपी से राज्यसभा भेजा जा सकता है. स्मृति ईरानी राहुल गांधी पर तीखे हमलों के लिए जानी जाती हैं. 8 में से करीब 4 सीटों पर नए चेहरे मौका पा सकते हैं.
विधान परिषद पर भी चर्चा की संभावना
विधान परिषद चुनाव को लेकर भी बात हो सकती है. कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. भाजपा नहीं चाहेगी कि उच्च सदन में 16 नेताओं को भेजने का मौका हाथ से जाए. जातीय, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधते हुए इन सीटों को भरा जा सकता है.
राज्यसभा सीटों पर 16 अक्टूबर को मतदान होना है और उसी दिन नतीजे आ जाएंगे. विधान परिषद की सीटों पर 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी. विधायकों की संख्या के आधार पर बसपा का उच्च सदन में प्रतिनिधित्व शून्य रह जाने की संभावना है. भाजपा नौवीं सीट पर भी उम्मीदवार उतार सकती है. यह मुलाकात विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच हुई है, इसलिए सियासी हलकों में इसकी खास चर्चा हो रही है.