नई दिल्ली: सोमवार सुबह झारखंड के बोकारो जिले में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, इस ऑपरेशन में 1 करोड़ रुपए के इनामी नक्सली नेता सहित 8 नक्सली मारे गए. यह कार्रवाई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की जंगल युद्ध इकाई कोबरा कमांडो और झारखंड पुलिस ने मिलकर अंजाम दी. यह ऑपरेशन झारखंड को नक्सल मुक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
ऑपरेशन को कैसे दिया गया अंजाम
मुठभेड़ सुबह करीब 5:30 बजे लुगु पहाड़ी इलाके में शुरू हुई. सुरक्षाबलों ने नक्सलियों पर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आठ नक्सली मारे गए. ऑपरेशन के दौरान एक एके सीरीज राइफल, तीन इंसास राइफल, एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक पिस्तौल और आठ देसी बंदूकें बरामद की गईं. सुरक्षाबलों को कोई नुकसान नहीं हुआ.
मुठभेड़ में मारा गया बड़ा नक्सली नेता
मारे गए नक्सलियों में एक प्रमुख माओवादी नेता प्रयाग मांझी उर्फ विवेक शामिल था, जिसके सिर पर 1 करोड़ रुपए का इनाम था. वह सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ व ओडिशा में 100 से अधिक घटनाओं में वांछित था. उसका पूरा नाम प्रयाग मांझी उर्फ विवेक उर्फ फुचना था.
सरकार की नक्सल विरोधी रणनीति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में नक्सलवाद के खिलाफ नरेंद्र मोदी सरकार की सफलता पर जोर दिया. उन्होंने नक्सलियों से हथियार डालने की अपील की और कहा कि हिंसा से बदलाव नहीं आ सकता. शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सल-मुक्त गांवों के लिए 1 करोड़ रुपए की विकास निधि और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन का आश्वासन दिया.
नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता
यह ऑपरेशन झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है. डीजीपी झारखंड अनुराग गुप्ता ने पुष्टि की कि मुठभेड़ में विवेक सहित 8 नक्सलियों के शव बरामद किए गए. पुलिस ने इलाके में नाकेबंदी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है. सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई ने नक्सलियों को बड़ा झटका दिया है. झारखंड पुलिस का लक्ष्य 2025 के अंत तक राज्य को पूरी तरह नक्सल-मुक्त करना है.