अमेठी: उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता स्मृति इरानी का नाम अमेठी जिले की पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची से गायब हो गया है. 10 जून को जारी फाइनल वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं होने से अमेठी में सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है. हालांकि विधानसभा क्षेत्र की सामान्य मतदाता सूची में उनका नाम अभी भी दर्ज है.
क्या है पूरा मामला?
स्मृति इरानी ने वर्ष 2021 में गौरीगंज तहसील के मेदन मवई गांव में जमीन खरीदी थी. उनके पुत्र जोहर इरानी ने 2021 में भूमि पूजन किया और 2024 में गृह प्रवेश किया. इसके बाद उनका नाम गांव के लीला टिकरा बूथ पर दर्ज कराया गया था और उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भी इसी बूथ पर वोट डाला था.
पंचायत चुनाव की अलग मतदाता सूची तैयार करने के लिए विशेष आवेदन करना पड़ता है. स्मृति इरानी ने एसआईआर (Special Intensive Revision) के माध्यम से अपना नाम अमेठी में दर्ज कराया था, लेकिन पंचायत लिस्ट में नाम शामिल नहीं हो पाया.
डीएम का बयान
अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान ने मामले पर कहा कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए अलग आवेदन करना होता है. उन्होंने बताया कि इसकी जांच कराई जा रही है कि संबंधित आवेदन जमा हुआ था या नहीं.
डीएम ने कहा, ''जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी. यदि आवेदन मिला होगा तो नियम के अनुसार उनका नाम सूची में शामिल कर दिया जाएगा.'' यह मामला फिलहाल अमेठी जिले में चर्चा का मुख्य केंद्र बना हुआ है.