झारखंड के चक्रधरपुर के पास हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर जाने से दो लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह झारखंड के चक्रधरपुर के पास हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतर जाने से दो लोगों की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि यह दुर्घटना सुबह करीब 3:45 बजे हुई.
हादसे के बाद दुर्घटना राहत चिकित्सा उपकरण (एआरएमई), स्टाफ और अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक सीकेपी (चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन) के साथ स्थिति को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. भारतीय रेलवे की ओर से जानकारी दी गई है कि ट्रेन संख्या 12810 हावड़ा-सीएसएमटी एक्सप्रेस चक्रधरपुर के पास, राजखरसवान पश्चिम आउटर और चक्रधरपुर डिवीजन में बड़ाबांबू के बीच पटरी से उतर गई है.
एआरएमई स्टाफ और एडीआरएम सीकेपी के साथ मौके पर मौजूद हैं. चक्रधरपुर डिवीजन के पीआरओ के अनुसार, 6 यात्री घायल हुए हैं, जिनमें से पांच को मामूली चोटें आई हैं और एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. भारतीय रेलवे के अनुसार, सभी घायलों को रेलवे मेडिकल टीम द्वारा प्राथमिक उपचार दिया गया है. चक्रधरपुर के पास ट्रेन दुर्घटना स्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है.
भारतीय रेल ने हेल्पलाइन नंबर किया जारी
घटना के बाद, भारतीय रेल ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं- टाटानगर: 06572290324 चक्रधरपुर: 06587 238072 राउरकेला: 06612501072, 06612500244 हावड़ा: 9433357920, 03326382217 रांची: 0651-27-87115। एचडब्ल्यूएच हेल्प डेस्क: 033-26382217, 9433357920 एसएचएम हेल्प डेस्क: 6295531471, 7595074427 केजीपी हेल्प डेस्क: 03222-293764 सीएसएमटी हेल्पलाइन ऑटो नंबर 55993 पी एंड टी 022-22694040 मुंबई: 022-22694040 नागपुर: 7757912790.
सांसद अवधेश प्रसाद ने व्यक्त की संवेदना
झारखंड में ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने दुख जताया है. उन्होंने कहा कि “मृतकों के प्रति हमारी संवेदना है और जो लोग घायल हैं सरकार उनके उपचार की व्यवस्था करे... ट्रेन पटरी से क्यों उतरी है उसकी जांच हो और आगे ऐसी कोई घटना न हो इसकी माकूल व्यवस्था की जाए.
झारखंड में ट्रेन के पटरी से उतरने की घटना पर झारखंड स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि अभी हम घटनास्थल पर जा रहे हैं और मृतकों के परिजनों को सांत्वना देंगे और जो भी उनको मदद है वो सरकार दे रही है और बेहतर मदद हो इसलिए हम जा रहे हैं... जाकर जो गंभीर रूप से घायल हैं उनको सहायता करेंगे. मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे.