लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को लोकभवन में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में कुल 37 प्रस्तावों में से 35 को मंजूरी दी गई. बैठक में किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद पर चर्चा हुई. साथ ही शहरी विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी मिली.
50 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य, MSP में 160 रुपए की बढ़ोतरी
कैबिनेट ने गेहूं की खरीद नीति को मंजूरी देते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रुपए प्रति कुंतल तय किया है, जो पिछले साल से 160 रुपए अधिक है. खरीद 30 मार्च (रामनवमी के बाद) से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगी. प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जो सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खाद्य एवं रसद विभाग के 30 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन करने का निर्देश दिया. किसानों को 48 घंटे के अंदर डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भुगतान सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं, ताकि बिचौलियों का हस्तक्षेप रोका जा सके. उतराई, छनाई और सफाई के लिए किसानों को अतिरिक्त 20 रुपए प्रति कुंतल दिए जाएंगे. कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि अब तक लगभग दो लाख किसानों (1,95,628) ने पंजीकरण करा लिया है. क्रय केंद्रों पर छाया, पानी, बैठने की व्यवस्था समेत सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी.
नवयुग पालिका योजना: 58 जिला मुख्यालयों का समग्र विकास
कैबिनेट ने नवयुग पालिका योजना को मंजूरी दे दी. इस योजना के तहत 58 जिला मुख्यालयों के नगरीय निकायों (55 नगर पालिका परिषदें, 3 नगर पंचायतें और गौतमबुद्धनगर की दादरी नगर पालिका परिषद) को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. योजना पर 5 वर्षों (2025-26 से 2029-30) में 2916 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे (प्रति वर्ष 583.20 करोड़). यह पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित योजना है. योजना का उद्देश्य बुनियादी ढांचे (सड़कें, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था आदि) का उन्नयन, डिजिटल गवर्नेंस, ई-सेवाओं को बढ़ावा और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करना है. निकायों को जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में बांटा गया है.
उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश निजी बिजनेस पार्क विकास योजना-2025 को भी मंजूरी दी. इसके तहत विश्वस्तरीय प्लग-एंड-प्ले बिजनेस पार्क विकसित किए जाएंगे, जहां वैश्विक कंपनियां अपने कार्यालय, आरएंडडी सेंटर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और ऑपरेशनल सेंटर स्थापित कर सकेंगी. प्रत्येक पार्क के लिए न्यूनतम 10 एकड़ भूमि का प्रावधान है और इसे 45 वर्षों की रियायत अवधि (अगले 45 वर्ष बढ़ाने का प्रावधान) पर डीबीएफओटी (डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल से विकसित किया जाएगा. इससे सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, लागत और समय बचेगा तथा हजारों रोजगार सृजित होंगे.
सम्भल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर
बैठक में सम्भल में गंगा एक्सप्रेसवे के निकट इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) की स्थापना के लिए अवस्थापना विकास कार्यों को मंजूरी दी गई. परियोजना पर 245.42 करोड़ रुपए (कुल अनुमानित लागत 293.59 करोड़ में से) खर्च किए जाएंगे. इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.
कैबिनेट के इन फैसलों से किसानों को सही दाम पर गेहूं बेचने की राह आसान होगी, जबकि शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में संतुलित विकास को नई गति मिलेगी. राज्य सरकार का मानना है कि ये कदम प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे और निवेशकों के लिए यूपी को आकर्षक गंतव्य बनाएंगे.