लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में औद्योगिक विकास, हरित ऊर्जा, बिजली सस्ती करने और राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए. इनमें ग्रेटर नोएडा में 174 एकड़ पर मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना, गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट और लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई.
ग्रेटर नोएडा में मेगा लॉजिस्टिक्स पार्क को हरी झंडी
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश मल्टी मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क नीति-2024 के तहत ग्रेटर नोएडा के सेक्टर कप्पा-02 (पूर्व में कप्पा-11) में 174.12 एकड़ (लगभग 7,04,664 वर्ग मीटर) भूमि पर मल्टीमोडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) की स्थापना को मंजूरी दे दी. न्यूनतम 1000 करोड़ रुपए निवेश वाली परियोजनाओं को 30% फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी मिलेगी, जो केवल सरकारी या औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा लीज पर दी गई भूमि पर लागू होगी.
भूखंड आवंटन ई-नीलामी के जरिए होगा, जिसमें रिजर्व प्राइस 11,000 रुपए प्रति वर्गमीटर तय किया गया है. भारत में पंजीकृत कंपनियां, साझेदारी फर्म या एलएलपी भाग ले सकेंगी, लेकिन कंसोर्टियम को अनुमति नहीं होगी. सफल बोलीदाता को परियोजना 7 वर्ष में पूरी करनी होगी, जिसमें पहले 3 वर्ष में कम से कम 40% काम अनिवार्य है.
प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना-2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक शेड्स योजना-2026 को भी हरी झंडी दी. पीपीपी मोड (DBFOT) पर आधारित इस योजना का मकसद उद्यमियों को तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराकर उत्पादन शुरू करने में लगने वाला समय 18-36 महीने से घटाना है. एमएसएमई सहित उद्योगों को माइल्ड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी कंपोनेंट्स, ऑटो, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग आदि क्षेत्रों में तुरंत संचालन योग्य शेड्स मिलेंगे. न्यूनतम 10 एकड़ भूमि पर प्रोजेक्ट होंगे, जिसमें निजी डेवलपर 45 वर्ष (15 वर्ष विस्तार योग्य) तक संचालन करेगा. योजना पूरी तरह वित्तीय अनुशासन पर आधारित है, बिना किसी सरकारी सब्सिडी या गारंटी के.
गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी, चिलुआताल में 20 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट
गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने की दिशा में कैबिनेट ने चिलुआताल में 20 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने को मंजूरी दे दी. इसमें करीब 80 एकड़ जल क्षेत्र का उपयोग होगा. पर्यटन विभाग की 28.20 एकड़ भूमि कोल इंडिया लिमिटेड को निःशुल्क दी जाएगी. कंपनी अपने संसाधनों से प्लांट लगाएगी, जो प्रति वर्ष 33.29 मिलियन यूनिट हरित ऊर्जा उत्पादन करेगा.
यह परियोजना गोरखपुर में पारंपरिक ऊर्जा की मांग में 10% कमी लाने के लक्ष्य (121.8 मिलियन यूनिट अक्षय ऊर्जा) को हासिल करने में मदद करेगी. ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि औरैया (20 मेगावाट) और खुर्जा (11 मेगावाट) में पहले से ऐसे प्लांट चल रहे हैं.
पछवारा साउथ कोल ब्लॉक विकास को मंजूरी
कैबिनेट ने नेयवेली उत्तर प्रदेश पावर लिमिटेड (एनयूपीपीएल) को आवंटित पछवारा साउथ कोल ब्लॉक के विकास के लिए 2242.90 करोड़ रुपए की लागत को मंजूरी दी. इस कोयले से कानपुर के घाटमपुर तापीय प्लांट में बिजली सस्ती होगी—लगभग 80 पैसे से 1 रुपए प्रति यूनिट तक बचत की उम्मीद है. खनन कार्य दिसंबर 2025 से शुरू हो चुका है.
लखनऊ में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
ये फैसले उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर जीएसडीपी लक्ष्य की ओर ले जाने, रोजगार सृजन, हरित ऊर्जा बढ़ाने और लखनऊ को आधुनिक-पर्यटन नगरी बनाने में अहम साबित होंगे. कैबिनेट ने कुल 35-37 प्रस्तावों पर मुहर लगाई, जिसमें किसानों के हित में गेहूं MSP बढ़ाने का फैसला भी शामिल है.