लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में जल संरक्षण और निवेश को बढ़ावा देने वाले दो अहम फैसले लिए गए. कैबिनेट ने ‘सेफ री-यूज ट्रीटेड वाटर पॉलिसी’ को मंजूरी दी तथा राजस्व संहिता की धारा-80 में संशोधन के लिए अध्यादेश 2026 पास कर दिया. इन फैसलों से पेयजल की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और उद्योग-निवेश की राह आसान बनेगी.
री-यूज वाटर पॉलिसी: शोधित पानी अब पीने के अलावा अन्य कामों में होगा इस्तेमाल
कैबिनेट ने घरों, उद्योगों और अन्य जगहों से निकलने वाले अपशिष्ट जल को शोधित (ट्रीटेड) करके सुरक्षित रूप से दोबारा उपयोग करने की नई नीति को हरी झंडी दे दी. इस नीति का मुख्य उद्देश्य बढ़ती पानी की मांग को देखते हुए पेयजल संसाधनों पर दबाव कम करना और जल निकायों को प्रदूषण से बचाना है. नीति के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) से निकलने वाले शोधित पानी को तीन चरणों में उपयोग में लाया जाएगा...
सरकार का मानना है कि तकनीक और नवाचार के जरिए यह नीति जल प्रबंधन को मजबूत बनाएगी, स्वच्छ पेयजल की बचत करेगी तथा ऊर्जा खपत भी कम करेगी.
लैंड यूज परिवर्तन की प्रक्रिया सरल: नक्शा पास होते ही माना जाएगा बदलाव
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन हेतु अध्यादेश 2026 को मंजूरी दे दी. अब विकास प्राधिकरणों, औद्योगिक विकास प्राधिकरणों, विनियमित क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधीन क्षेत्रों में अलग से लैंड यूज (भूमि उपयोग) परिवर्तन की जरूरत नहीं पड़ेगी.
यदि किसी भूखंड का नक्शा संबंधित प्राधिकरण द्वारा पास हो जाता है, तो उसी को गैर-कृषि उपयोग (लैंड यूज परिवर्तन) माना जाएगा. पहले लोगों को दोहरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था- पहले लैंड यूज बदलवाना और फिर नक्शा पास कराना, जिसमें समय और संसाधनों की बर्बादी होती थी.
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि नई व्यवस्था में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में ही सभी औपचारिकताएं शामिल कर ली गई हैं. इससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी, निवेशकों के लिए प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी तथा प्रदेश में उद्योग स्थापना और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
ये दोनों फैसले योगी सरकार की ‘सुशासन और विकास’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं, जो जल संरक्षण के साथ-साथ निवेश अनुकूल वातावरण बनाने में मदद करेंगे.