Brahmin vs Yadav Clash Etawah: जितनी मुंह उतनी बातें हो रही हैं? महिला सच बोल रही है या फिर कथा वाचक? एक आधार कार्ड वायरल हो रहा है, एक आधार कार्ड में नाम है मुकुट मणि अग्निहत्री और दूसरे में मुक्ति सिंह? गांव का दावा है इसी पर विवाद हुआ था? कथा सुनने वालों को धोखे में रखा गया उनसे झूठ बोला गया और जाति छिपाई गई? कहानी की शुरूआत होती है! मुंडन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के साथ! पुलिस हरकत में आई और मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया…इटावा के SSP बृजेश कुमार श्रीवास्तव का बयान के बाद लोगों में और उलझन है, वो कहते हैं!
"सोमवार को बकेवर थाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें देखा जा सकता है कि भागवत कथा के बाद ग्रामीण दो लोगों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं और उनकी इच्छा न होने के बावजूद उनके बाल काट रहे हैं।वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस बल मौके पर पहुंचा और उस व्यक्ति की पहचान की, जिसके बाल काटे गए थे। मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है"
चारों आरोपियों की पहचान आशीष तिवारी, उत्तम कुमार अवस्थी, निक्की अवस्थी, मनु दुबे के रूप में हुई है…ये सभी जिस गांव में कथा हो रही थी वहीं के रहने वाले हैं...समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी एक्स पर वीडियो शेयर किया था...इसमें आरोपी कथित तौर पर ये कहते हुए सुने जा रहे हैं, "ब्राह्मणों के गांव में आने की सजा मिल रही है।" पीड़ित कथा वाचक संत सिंह यादव ने एक बयान दिया जिसमें उनका दावा था!
"पहले मैं एक निजी स्कूल चलाता था, लेकिन सरकार ने स्कूल बंद करवा दिया, इसलिए मैं भागवत कथा करने में लग गया और कथा वाचक मुकुट मणि यादव का सहायक बन गया, हमें 21 जून से शुरू होने वाले दंदरपुर गांव में भागवत कथा करने के लिए बुलाया गया था…हमसे हमारी जाति के बारे में पूछा गया, कहा गया कि हम 'चमार' हैं, लेकिन मैंने कहा कि मैं 'चमार' नहीं हूं, मैं यादव हूं। उन्होंने मुझसे मेरी पहचान पत्र दिखाने के लिए भी कहा, फिर उन्होंने कहा कि यादव होकर तुम ब्राह्मणों के गांव में भागवत कथा करने आए हो? मुझे पूरी रात प्रताड़ित किया गया और मेरे बाल पूरी तरह से मुंडवा दिए गए, मेरे ऊपर पेशाब छिड़का गया और कहा गया कि तुम शुद्ध हो गए हो। ब्राह्मणों के गांव में आने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई।?”
बात समाजवादी पार्टी तक पहुंची, वहां अखिलेश यादव ने यादव कथावचकों को बुलाया, उन्हें सम्मान दिया, उनके गीत सुने और छोड़ दिया! ये तस्वीर क्या सियासत का हिस्सा है? क्या योगी और अखिलेश की लड़ाई में जाति का एंगल चुनाव हराने और जीताने वाला बन चुका है? ज़रा ये भी देखिए! वीडियो लगाए थोड़ा गाते हुए! अखिलेश यादव ने ये तक कह दिया!
‘अगर पीडीए का कोई व्यक्ति मंदिर चला जाए तो ये लोग उसे गंगाजल से धोते थे. अब सरेआम लोगों का मुंडन करवा रहे हैं. ऐसे 'प्रभुत्वशाली' लोगों को सरकार का आशीर्वाद प्राप्त है, जिसके कारण वे ऐसा करने की हिमाकत कर रहे हैं.’
यूपी की सियासत में ज़िला दर ज़िला जाति का एंगल छा रहा है? अखिलेश यादव का पूरा जोर PDA पर टिक गया है, कुछ दिन पहले सपा के कुछ बागी विधायकों को बाहर का रास्ता दिखाया गया, जिसमें दो ठाकुर और एक ब्राह्मण विधायक हैं, वजह बताया गया कि ये सभी PDA विरोधी थे, उनके बयान PDA विरोधी थे, 20 जुलाई से पीडीए महापंचाय भी होनी है! सपा का पूरा ध्यान ठाकुर-ब्राह्मण वोटरों से खिसकर PDA पर जा टिका है, जिसमें मुस्लिम, OBC समाज और पिछड़ा वर्ग शामिल है!