नई दिल्ली: महाराष्ट्र के मालेगांव में गुरुवार को चार साल की मासूम बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में भारी प्रदर्शन हुए. गुस्साए लोगों ने मुख्य सड़कें जाम कर दीं, सेशन कोर्ट को घेर लिया और आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की. इतना तनाव पैदा हो गया कि आरोपी को कोर्ट में पेश करना असुरक्षित हो गया. मजबूरन कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की और आरोपी की पुलिस कस्टडी 27 नवंबर तक बढ़ा दी.
सुबह से ही कैंप क्षेत्र, मोसंब पुल और सेशन कोर्ट के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई थी. पूरी तरह ट्रैफिक ठप हो गया. लोग नारे लगा रहे थे, कोर्ट के गेट पर चप्पलें फेंक रहे थे और गेट तोड़ने की कोशिश कर रहे थे. भारी पुलिस बल तैनात होने के बावजूद भीड़ को काबू करना मुश्किल हो रहा था.
बार-बार समझाने के बाद भी लोग नहीं माने तो पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा. कोर्ट परिसर के अंदर भी प्रदर्शन जारी रहा, जिससे आरोपी को फिजिकली पेश करना खतरनाक हो गया. परिस्थिति को देखते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधुरोधी केआर पाटिल ने ऑनलाइन सुनवाई की और पुलिस रिमांड 27 नवंबर तक बढ़ा दिया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे. कोर्ट परिसर को संभालना बेहद मुश्किल हो रहा था.”
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर ले गया था. जब बच्ची घर नहीं लौटी तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. बाद में उसका शव आरोपी के घर के पास मोबाइल टावर के निकट मिला. अपराध की बर्बरता से पूरा मालेगांव आक्रोश में है और लोग त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. शाम को महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की.