अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे (दान) में लाखों-करोड़ों की चोरी और हेराफेरी के गंभीर आरोपों पर ट्रस्ट ने पहला बड़ा कदम उठाया है. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और इसकी जिम्मेदारी सेना के एक रिटायर्ड अधिकारी को सौंप दी गई है. प्राण-प्रतिष्ठा के बाद राम मंदिर परिसर में कार्यरत रहे रिटायर्ड आर्मी अधिकारी को अब चढ़ावे की पूरी जांच का जिम्मा दिया गया है.
सूत्रों के अनुसार, अधिकारी ने पहले दिन सभी फाइलें इकट्ठा करना शुरू कर दिया है. कल यानी शुक्रवार को सीसीटीवी फुटेज की जांच भी प्रस्तावित है. यह कार्रवाई सपा प्रमुख अखिलेश यादव के आरोप लगाने और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह के सनसनीखेज बयान के बाद हुई है. महिपाल सिंह ने दावा किया था कि कई सालों से चढ़ावे में चोरी हो रही है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पिछले चार दिनों से कारसेवकपुरम स्थित अपने कमरे में नहीं गए हैं. वे रामकोट के नवीन भवन में ही डेरा जमाए हुए हैं और सारी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. राम मंदिर परिसर से सिंगल लॉक वाले दानपात्र हटाए जाएंगे. अब डबल लॉक सिस्टम लगाने की तैयारी चल रही है. ट्रस्ट कर्मचारियों में दहशत का माहौल है.
मोबाइल टैपिंग के डर से कई कर्मचारी फोन उठाना ही बंद कर चुके हैं. इस मुद्दे पर अयोध्या के संत-महंत भी दो धड़ों में बंट गए हैं. कुछ संत खुलकर जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं. राम मंदिर आंदोलन के पुराने योद्धा विनय कटियार ने कहा कि जांच होनी चाहिए, इसमें कोई आपत्ति नहीं. ट्रस्ट और शीर्ष संगठनों (RSS, VHP, BJP) में इस मामले को लेकर गहरी चिंता है. जांच में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की संभावना है.