TCS case: नासिक की एक अदालत ने टीसीएस की नासिक यूनिट में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में पांच आरोपियों को जमानत दे दी है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित विनायक खरकर ने रजा रफीक मेमन, आसिफ आफताब अंसारी, शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी, शफी भिकन शेख और तौसीफ बिलाल अत्तार की जमानत याचिकाएं मंजूर कर लीं.
अदालत ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल हो चुका है और जांच लगभग पूरी हो गई है. आरोपियों के रिहा होने पर गवाहों को धमकाने या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की कोई गंभीर आशंका नहीं है. सभी आरोपी तीन महीने से अधिक समय से जेल में थे. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी रजा रफीक मेमन ने पीड़िता पर यौन टिप्पणियां कीं, अनुचित तरीके से छुआ, संबंध बनाने की मांग की और अपने धर्म की प्रशंसा करते हुए उसके धर्म को नीचा दिखाया.
अन्य आरोपियों ने भी इसका समर्थन किया. जमानत देते हुए कोर्ट ने सख्त शर्तें लगाईं. आरोपियों को हर शनिवार पुलिस थाने में हाजिरी लगानी होगी. उन्हें शिकायतकर्ता के कार्यस्थल, आवासीय क्षेत्र में जाने और गवाहों से संपर्क करने पर रोक लगाई गई है.
विशेष जांच दल (एसआईटी) टीसीएस नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के कथित शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े नौ मामलों की जांच कर रहा है. टीसीएस ने कहा है कि कंपनी उत्पीड़न के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाती है और आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है.