स्टॉकहोम/मुंबई: महाराष्ट्र के भाजपा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील की भतीजी नीला विखे पाटील स्वीडन की संसद (रिक्स्डाग) में चुन ली गई हैं. ग्रीन पार्टी की नेता नीला ने स्टॉकहोम सिटी सीट से जीत दर्ज की है. 41 वर्षीय नीला स्वीडन में पैदा हुईं, लेकिन अपनी शुरुआती जिंदगी महाराष्ट्र के अहमदनगर में बिताई.
वे महाराष्ट्र के शिक्षाविद् अशोक विखे पाटील की बेटी और पूर्व केंद्रीय मंत्री बालासाहेब विखे पाटील की पोती हैं. महाराष्ट्र मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील उनकी बुआ के पति हैं. नीला ने मीडिया को बताया कि मुझे उम्मीद है कि मैं अपने दादा को गर्व महसूस कराऊंगी. उन्होंने 15 साल की उम्र में मुझे राज्य का बजट पढ़ने के लिए कहा था.
स्वीडिश राजनीति में सफर
नीला कई वर्षों से स्वीडिश राजनीति में सक्रिय हैं. वे पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन लोफवेन के कार्यकाल में प्रधानमंत्री कार्यालय में राजनीतिक सलाहकार रहीं और वित्त, कराधान व आवास के मुद्दों पर काम किया. बाद में वे स्टॉकहोम सिटी काउंसिल की सदस्य चुनीं और ग्रीन पार्टी की चुनाव समिति में भी रहीं. उन्होंने स्वीडिश यंग ग्रीन्स, ग्रीन पार्टी गोथेनबर्ग और ग्रीन स्टूडेंट्स ऑफ स्वीडन में भी भूमिका निभाई. गोथेनबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस से बैचलर और एमबीए की डिग्री हासिल की है. सांसद के रूप में वे बच्चों के कल्याण और पर्यावरण पर फोकस करना चाहती हैं.
भारत से गहरा नाता
नीला ने कहा कि वे भारत से गहराई से जुड़ी हुई हैं. उन्होंने कहा, ''मैं भारत से बेहद प्यार करती हूं और बहुत जुड़ाव महसूस करती हूं. मेरे कई करीबी भारतीय दोस्त हैं.'' उनके परिवार का महाराष्ट्र में राजनीति, शिक्षा और सहकारी आंदोलन से लंबा नाता रहा है. उनके परदादा विट्ठलराव विखे पाटील ने एशिया की पहली सहकारी चीनी फैक्ट्री की स्थापना की थी. स्वीडन में वामपंथी विपक्षी दलों ने 176 सीटें जीतकर संकीर्ण बहुमत हासिल किया है. प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने इस्तीफा दे दिया है. सोशल डेमोक्रेट्स 99 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है.