नोएडा/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में नोएडा की 15 वर्षीय किशोरी समेत अन्य लड़कियों के खिलाफ दर्ज शिकायतें वापस ले ली गई हैं. शिकायतकर्ता सुप्रीम कोर्ट की वकील स्मृति सिंह ने मंगलवार शाम को सभी आठ मामलों में शिकायत वापस लेने की घोषणा की.
स्मृति सिंह ने पीटीआई को बताया कि उन्होंने दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच को अपनी यह मंशा बता दी है. उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री ने माफी की अपील की और लड़कियों ने माफीनामा वीडियो अपलोड किए. मैंने भी वीडियो डालकर कहा था कि अगर वे माफी मांगेंगी तो मैं शिकायत वापस ले लूंगी. चूंकि प्रधानमंत्री ने उन्हें माफ कर दिया है, इसलिए मैं भी मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती.''
यह मामला कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान वायरल हुए एक वीडियो से शुरू हुआ था. वीडियो में किशोरी पर प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप था. प्रदर्शन पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की अनियमितताओं के खिलाफ था, जिसमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई थी.
29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी. किशोरी ने बाद में माफीनामा जारी कर कहा कि वह प्रभावित हो गई थी और यह उसकी पहली व अंतिम गलती है. उसकी मां ने भी प्रधानमंत्री से बेटी को माफ करने की अपील की थी. परिवार के वकील का कहना है कि एफआईआर में उम्र गलत बताई गई थी. अब शिकायत वापस लेने के साथ यह विवादित मामला लगभग बंद होने की ओर बढ़ गया है.