महाराजगंज: जिले के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो शुरू तो चोर-चोर के शोर से हुआ, लेकिन अंत शहनाइयों की रजामंदी के साथ हुआ. पूरी घटना किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. बीते रविवार रात करीब 11 बजे गांव की महिला प्रधान को अपने घर के एक कमरे से हलचल सुनाई दी. उन्हें शक हुआ कि घर में चोर घुस आया है.
बिना कोई जोखिम उठाए उन्होंने चुपके से कमरे की कुंडी बाहर से चढ़ा दी और जोर-जोर से चोर-चोर चिल्लाने लगीं. शोर सुनते ही गांव वाले जमा हो गए और पुलिस को भी सूचना दे दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा खुलवाया तो अंदर एक घबराया हुआ युवक मिला. शुरुआती पूछताछ में जब सच सामने आया तो सब दंग रह गए. मामला चोरी का नहीं, बल्कि प्यार का निकला.
बताया जा रहा है कि युवक कुशीनगर का रहने वाला है. उसकी बहन की शादी इसी गांव में हुई है, इसलिए उसका यहां आना-जाना रहता था. इसी दौरान उसका दिल ग्राम प्रधान की भतीजी पर आ गया. रात में जब उसे पता चला कि प्रेमिका को तेज बुखार है, तो वह चुपके से दवा देने पहुंच गया. लेकिन आहट होते ही परिजनों ने उसे चोर समझकर कमरे में बंद कर दिया.
सोमवार को थाने में दोनों पक्षों को बुलाया गया. पुलिस और ग्रामीणों की मौजूदगी में बातचीत हुई तो पता चला कि दोनों बालिग हैं और एक-दूसरे से शादी करना चाहते हैं. परिवारों ने भी समझदारी दिखाते हुए इस रिश्ते को हरी झंडी दे दी.
श्यामदेउरवा थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश सिंह के अनुसार दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है और कोई कानूनी शिकायत नहीं दी गई. रात में जिसे पूरा गांव चोर समझ रहा था, सुबह होते-होते उसकी शादी तय होने की खबर पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई.