काठमंडु/नई दिल्ली: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़कर 175 पहुंच गया है. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने गुरुवार को कहा कि इस आपदा में करीब 300 भारतीय पर्यटक लापता हैं. उन्होंने बताया कि नेपाल और तिब्बत में कुल लगभग 1,500 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें कम से कम 800 विदेशी नागरिक शामिल हैं.
बाढ़ बुधवार को रसुवा, धादिंग और नुवाकोट जिलों में आई. ल्हेंदे नदी (भोटे कोशी की सहायक नदी) में हिमस्खलन से रास्ता अवरुद्ध होने के बाद अचानक पानी का सैलाब आ गया. सबसे पहले तिब्बत-नेपाल सीमा पर तिमुरे और रसुवागढ़ी इलाके प्रभावित हुए, फिर पानी नीचे की ओर तबाही मचाता गया. तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में 558 लोग लापता बताए गए हैं, जिनमें 260 विदेशी शामिल हैं.
कई कैलाश मानसरोवर यात्री और ट्रेकर्स प्रभावित हुए हैं. भारत ने राहत सामग्री भेजने का काम तेज कर दिया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट लेकर दूसरा विमान नेपाल रवाना हो चुका है. पहले दिन भारतीय वायुसेना के सी-130जे ने 10 टन आपात सामग्री पहुंचाई थी.
भारतीय दूतावास काठमांडू ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह खुद प्रभावित नुवाकोट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. बचाव अभियान जारी है, गुरुवार को 125 लोगों को बचाया गया, जिनमें 20 विदेशी शामिल हैं.