पटना: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के घर की सीढ़ी को प्रशासन ने तारापुर में तोड़ दिया है. इस मामले पर खुद सीएम सम्राट चौधरी ने रविवार को तारापुर में जनसभा को संबोधित करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी. सम्राट चौधरी ने कहा कि एक सप्ताह पहले उन्हें सूचना मिली थी कि उनके तारापुर स्थित घर की सीढ़ी भी प्रशासन द्वारा तोड़ी जा रही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर किसी की जमीन पूरी तरह निजी है तो कोई समस्या नहीं है. लेकिन अगर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके घर या कोई निर्माण किया गया है, तो उसे तोड़ना ही पड़ेगा. किसी भी हाल में उसे बचाया नहीं जा सकता.
उन्होंने जोर देकर कहा कि सुंदर और विकसित बिहार बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है. अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान किसी के लिए भी रियायत नहीं देगा. सम्राट चौधरी ने यह भी बताया कि वे पहली बार तारापुर से विधायक चुने गए और उसी बार मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला.
उन्होंने इसे बड़ी जिम्मेदारी और चुनौती बताया. उन्होंने कहा कि अब वे अपने क्षेत्र के बाकी अधूरे कामों को पूरा करने के लिए आए हैं. पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार को सजाने और विकास के काम किए.
इसके अलावा उन्होंने बताया कि बिहार में वित्तीय संसाधनों की कोई कमी नहीं है. इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत फोरलेन सड़कों को जोड़ने का काम शुरू हो गया है. भविष्य में कोलकाता तक एक्सप्रेसवे बनाने की दिशा में भी प्रयास चल रहे हैं. बाढ़ की समस्या को हल करने के लिए नई जल प्रबंधन योजना पर काम हो रहा है. इसके तहत अतिरिक्त पानी को गंगा में नियंत्रित तरीके से छोड़ा जाएगा और डैमों के जरिए पानी का उचित वितरण किया जाएगा.