नई दिल्ली: वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी की घटना ने एक बार फिर अमेरिका में बंदूक हिंसा की समस्या को सुर्खियों में ला दिया है. कार्यक्रम वॉशिंगटन हिल्टन होटल में चल रहा था, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
अचानक गोलियों की आवाज सुनाई दी तो पूरा हॉल अफरा-तफरी में बदल गया. सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत सभी प्रमुख लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया. हमलावर को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया.
राष्ट्रपति ट्रंप ने घटना के बाद कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सीक्रेट सर्विस के जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया की तारीफ की. जांच एजेंसियां अब हमलावर के मकसद का पता लगाने में जुटी हैं. इस घटना पर शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर दो टूक प्रतिक्रिया दी.
उन्होंने अमेरिका में लगातार बढ़ रही गन कल्चर और बंदूक हिंसा पर गहरी चिंता जताई. चतुर्वेदी ने लिखा कि यह समस्या इतनी गंभीर हो चुकी है कि स्कूली बच्चों, आम नागरिकों और राजनीतिक नेताओं तक की जान जा रही है. उन्होंने ट्रंप के हालिया बयान का जिक्र करते हुए पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहीं भारत या भारतीय प्रवासियों को निशाना बनाते हुए तीखी टिप्पणी की थी.
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बंदूक हिंसा से निपटने के मामले में अमेरिका खुद एक 'नरक' जैसा माहौल बन गया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि अब इस समस्या का कोई ठोस और प्रभावी समाधान निकालने का वक्त आ गया है, क्योंकि चर्चा करने के अलावा कुछ नहीं हो रहा.
यह घटना अमेरिका में बंदूक संबंधी हिंसा की पुरानी बहस को फिर से जीवंत कर गई है, जहां हर बड़ी वारदात के बाद सुरक्षा और कानून में सुधार की मांग उठती है, लेकिन बदलाव सीमित ही रहता है. फिलहाल पूरे मामले की जांच चल रही है और आगे की जानकारी का इंतजार है.