बीरगंज: भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है. बिहार पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है और सीमा सुरक्षा बल (SSB) के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि नेपाल में चल रही घटनाओं का कोई असर भारत की तरफ न आए. नेपाल के बीरगंज इलाके में मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा धार्मिक कार्यक्रम 'इज्तिमा' चल रहा है.
इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और कुछ अन्य मुस्लिम देशों से भी काफी संख्या में मौलाना और धर्मगुरु हिस्सा ले रहे हैं. यह कार्यक्रम नेपाल के वरपुर बलुवा गांव में 27 अप्रैल तक तीन दिनों तक चलने वाला है. इसमें तब्लीगी जमात से जुड़े लोग शामिल हो रहे हैं. इस आयोजन को देखते हुए भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है.
रक्सौल पुलिस और SSB ने संयुक्त रूप से चौकसी तेज कर दी है. भारत-नेपाल मैत्री पुल पर आने-जाने वाले हर वाहन और व्यक्ति की गहन जांच की जा रही है. रक्सौल के एसपी हेमंत सिंह और एसडीपीओ मनीष आनंद खुद मौके पर पहुंचकर वाहनों की जांच देख रहे हैं. सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं.
दूसरे देशों के नागरिकों को नेपाल होते हुए भारत आने-जाने पर सख्ती से रोक लगाई गई है. बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा की समीक्षा की और सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों पर बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्य सचिव ने मधुबनी जिले के प्रशासन को भी अवांछित तत्वों पर नजर रखने और कार्रवाई करने को कहा है. बैठक में बिहार पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव (गृह) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे.
अधिकारियों ने सीमा पर गश्त बढ़ाने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया है. कुल मिलाकर, नेपाल में हो रहे इस धार्मिक जुटान को देखते हुए भारत ने अपनी तरफ से पूरी सतर्कता बरत ली है ताकि सीमा क्षेत्र में कोई अनहोनी न हो.