बलिया: ईरान संकट के बावजूद केंद्र सरकार बार-बार आश्वासन दे रही है कि देश में कहीं भी ईंधन की कोई कमी नहीं है. फिर भी कई इलाकों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगती दिख रही हैं और ईंधन न मिलने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. ऐसी ही एक लापरवाही उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में सामने आई, जिसकी वजह से एक व्यक्ति की जान चली गई.
निजी एंबुलेंस में पेट्रोल खत्म हो जाने के बाद भी पंप पर तेल नहीं मिला, जिससे मरीज को समय से अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका और रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. इस मामले की जांच के लिए जिला प्रशासन ने तीन अधिकारियों की टीम गठित कर दी है.
बलिया के बैरिया क्षेत्र के पांडेपुर गांव निवासी 50 वर्षीय छट्ठू शर्मा की बुधवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई. परिजन उन्हें तुरंत निजी एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जा रहे थे. एंबुलेंस मात्र दो किलोमीटर चल पाई थी कि उसका पेट्रोल खत्म हो गया और वह बीच सड़क पर रुक गई. परिजनों ने पास के टेंगरही गांव स्थित पेट्रोल पंप पर ईंधन मांगा, लेकिन पंप संचालक ने तेल न होने का बहाना बनाकर मना कर दिया. उन्होंने एसडीएम को भी फोन किया, मगर कोई मदद नहीं मिली.
आखिरकार कुछ लोगों ने अपनी मोटरसाइकिलों से पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला, लेकिन इस प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद हो गया. जब मरीज को अस्पताल पहुँचाया गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी. जिला पूर्ति अधिकारी देवमणि मिश्र ने बताया कि यह घटना बेहद गंभीर है. आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को ईंधन देना पेट्रोल पंप संचालक की जिम्मेदारी थी.
उन्होंने बैरिया के उप जिलाधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और सहायक खाद्य अधिकारी को मिलाकर तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई है. समिति जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.