नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा एक विवादास्पद सोशल मीडिया पोस्ट साझा किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया तेज हो गई है. यह पोस्ट अमेरिकी रेडियो होस्ट Michael Savage के बयान से जुड़ी थी, जिसमें जन्मसिद्ध नागरिकता के मुद्दे पर बात करते हुए भारत और चीन जैसे देशों को अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किया गया था.
इस घटना के बाद भारत में राजनीतिक माहौल गरमा गया. विदेश मंत्रालय की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने कहा कि ऐसी टिप्पणियाँ तथ्यों से परे और अनुचित हैं, तथा ये भारत और अमेरिका के बीच मजबूत संबंधों को नहीं दर्शातीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के रिश्ते आपसी सम्मान और साझी प्राथमिकताओं पर आधारित हैं.
दूसरी ओर, Indian National Congress सहित विपक्षी दलों ने सरकार की प्रतिक्रिया को अपर्याप्त बताते हुए कड़ा विरोध जताया. कई राजनीतिक नेताओं और विशेषज्ञों ने ट्रंप के बयान को नस्लीय मानसिकता से प्रेरित बताया और इसकी आलोचना की.
अमेरिका के भीतर भी इस बयान को लेकर असहमति देखने को मिली है. कुछ वर्गों ने इसे विभाजनकारी और अनुचित करार दिया है. इस बीच, ईरान ने खुलकर भारत का समर्थन किया. भारत में स्थित ईरानी कॉन्सुलेट्स ने सोशल मीडिया पर भारत की संस्कृति, विविधता और सभ्यता की सराहना करते हुए ट्रंप के बयान की अप्रत्यक्ष आलोचना की.
इस पूरे घटनाक्रम ने कूटनीतिक संवाद, राजनीतिक प्रतिक्रिया और सार्वजनिक बयानबाजी के स्तर को लेकर नई बहस छेड़ दी है, खासकर तब जब ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं. इसी बीच ईरान ने भारत के पक्ष में बयान देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जोरदार निशाना साधा है.
इस पूरे विवाद में ईरान ने खुलकर भारत का पक्ष लिया. मुंबई स्थित ईरानी मिशन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें भारत की सांस्कृतिक झलकियां दिखाई गईं. साथ ही व्यंग्यात्मक लहजे में ट्रंप को भारत आकर खुद अनुभव करने की सलाह दी गई. पोस्ट में संकेत दिया गया कि ऐसी टिप्पणियाँ अज्ञानता से प्रेरित हैं और वास्तविकता से दूर हैं.