मस्कट/नई दिल्ली: अरब सागर में भारतीय नाविकों की जान बचाने में अमेरिकी नौसेना ने त्वरित और सराहनीय भूमिका निभाई. ओमान के रास अल हद्द तट से करीब 80 समुद्री मील दूर रविवार सुबह भारतीय ध्वज वाले मालवाहक जहाज एमएसवी विराट-1 अचानक पानी भरने लगा और तेजी से डूबने लगा. जहाज पर सवार 14 भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित बचा लिए गए. किसी को कोई चोट नहीं आई.
कैसे बचाया गया?
जहाज पर पानी भरते ही चालक दल ने तुरंत डिस्ट्रेस कॉल जारी कर दिया. क्षेत्र में गश्त पर तैनात अमेरिकी नौसेना का अत्याधुनिक पी-8 पोसाइडन समुद्री गश्ती विमान सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचा. विमान ने कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए स्थिति की निगरानी की और नाविकों के पास इन्फ्लेटेबल लाइफ राफ्ट गिराया. सभी 14 नाविकों ने तुरंत राफ्ट पर सवार हो लिया.
अमेरिकी विमान ने पास से गुजर रहे एमवी जबल अली-9 (सेंट किट्स एंड नेविस ध्वज वाला रो-रो कार्गो जहाज) से संपर्क साधा. जहाज ने अपनी दिशा बदलकर तुरंत राफ्ट की ओर बढ़ा और एक घंटे के अंदर सभी नाविकों को सुरक्षित कर लिया.
भारतीय नौसेना ने भी तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए अरब सागर में तैनात अपने युद्धपोतों को रेस्क्यू लोकेशन की ओर रवाना कर दिया. भारतीय दूतावास ने ओमान की एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया और सभी नाविकों की स्वास्थ्य जांच कराई गई. सभी स्वस्थ और सुरक्षित हैं.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, काफी पुराना लकड़ी का जहाज होने के कारण पतवार में संरचनात्मक कमजोरी या दीमक की वजह से पानी रिसने लगा. उस समय हल्की लहरें और तेज हवाएं भी चल रही थीं, जिससे डूबने की रफ्तार बढ़ गई. यह सफल बचाव अभियान क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का बेहतरीन उदाहरण है. भारतीय नौसेना और विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी नौसेना के त्वरित सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है.