लखनऊ: अयोध्या के राम मंदिर में दान की अनियमितताओं को लेकर उठे विवाद ने तूल पकड़ लिया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर दी है. जांच तेज होने के साथ ही एक कर्मचारी को हिरासत में लिया गया है.
SIT में लखनऊ डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं. टीम को राम मंदिर ट्रस्ट के दान संग्रह, वित्तीय प्रबंधन और कथित गड़बड़ियों की पूरी जांच करने का जिम्मा सौंपा गया है.
क्या है मामला?
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के दान पेटिकाओं से करोड़ों रुपये गायब होने के आरोप लगे थे. इस विवाद के बाद ट्रस्ट ने स्वतंत्र जांच की मांग की. आरोपों के बीच स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने दान गिनने से जुड़े कई कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी.
जांच के दौरान लव कुश नामक व्यक्ति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है. वह रुदौली के शूजागंज इलाके का रहने वाला है. सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान कुछ नकदी भी बरामद हुई है.
कटियार का तीखा रुख
वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद विनय कटियार ने मामले पर सख्त रुख अपनाया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी भ्रष्टाचार या चोरी को करोड़ों भक्तों के विश्वास के साथ धोखा माना जाएगा. कटियार ने कहा, ''राम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि दशकों के संघर्ष, बलिदान और समर्पण का प्रतीक है.'' उन्होंने दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग करते हुए पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मेमोरेंडम सौंपने की घोषणा की.
राजनीतिक घमासान
इस मुद्दे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव, पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह, राजनेश सिंह और कांग्रेस नेता अजय राय सहित कई नेताओं ने बयान दिए हैं. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि आंतरिक ऑडिट चल रहा है और आरोपों के समर्थन में अभी कोई सबूत नहीं मिला है. अब सभी की निगाहें SIT की रिपोर्ट और जांच एजेंसियों के अगले कदम पर टिकी हैं.